ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा

ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य बंद, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का खतरा

ईरान-इजरायल तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया गया है। यह मार्ग वैश्विक तेल सप्लाई का 20% संभालता है। बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

Crude Oil Price Today: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान-इजरायल तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

पहले से ही तनाव झेल रहे पश्चिम एशिया के देशों में इस घटना के बाद अनिश्चितता और बढ़ गई है। ऐसे माहौल में क्रूड ऑयल मार्केट में गतिविधियां तेज हो गई हैं और निवेशकों की नजर अब तेल की कीमतों पर टिकी हुई है। इस तनाव का असर भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर भी प्रत्यक्ष रूप से पड़ सकता है।

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद किया

उच्चतम तनाव के बीच ईरानी सरकार ने होर्मुज स्ट्रेट यानी होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। यह फैसला वैश्विक तेल बाजार के लिए चिंता का विषय बन गया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के महत्वपूर्ण एनर्जी चोकपॉइंट्स में से एक है।

इस जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल सप्लाई होता है। इस मार्ग के बंद होने का मतलब है कि कच्चे तेल की सप्लाई में कमी आएगी। सप्लाई में कमी होने से तेल की कीमतों में तेज उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज रफ्तार

होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की खबर के बाद क्रूड ऑयल मार्केट में तेजी देखी जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार IG Group के रिटेल ट्रेडिंग प्रोडक्ट में वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट का भाव 75.33 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह शुक्रवार के बंद स्तर से लगभग 12 प्रतिशत अधिक है।

अन्य मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें अब 76 से 81 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। बाजार में इस तेजी का मुख्य कारण सप्लाई में अटकाव और भू-राजनीतिक तनाव है। निवेशक इस समय सावधानी के साथ अपने पोर्टफोलियो में बदलाव कर रहे हैं।

होर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक महत्व

होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित है और यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। इसे दुनिया के अहम एनर्जी चोकपॉइंट्स में गिना जाता है।

कतर, जो दुनिया का सबसे बड़ा LPG निर्यातक है, अपनी लगभग पूरी एलपीजी सप्लाई इसी रास्ते से भेजता है। इसलिए इस जलडमरूमध्य के बंद होने से ना सिर्फ क्रूड ऑयल बल्कि एलपीजी की भी आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

भारत जैसे तेल आयातक देशों पर इसका असर सीधे तौर पर पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से पेट्रोल, डीजल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है। इससे घरेलू बाजार में मुद्रास्फीति बढ़ सकती है और आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।

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