पाकिस्तान में खामेनेई हत्या के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, अमेरिका ने गैर-जरूरी स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर भेजा

पाकिस्तान में खामेनेई हत्या के विरोध में हिंसक प्रदर्शन, अमेरिका ने गैर-जरूरी स्टाफ को सुरक्षित स्थान पर भेजा

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। अमेरिका ने कराची और लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों से गैर-जरूरी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर भेजने का आदेश दिया।

Pakistan: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों ने गंभीर रूप ले लिया है। इस बीच अमेरिका ने कराची और लाहौर स्थित अपने वाणिज्य दूतावासों से गैर-जरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। यह निर्णय तब आया है जब देश के कई शहरों में प्रदर्शन तेज हो गए हैं और सुरक्षा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि कराची और लाहौर में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के चलते गैर-जरूरी कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। इस कदम का मकसद वहां काम कर रहे अमेरिकी स्टाफ और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

प्रदर्शनकारियों ने जताई नाराजगी

पाकिस्तान के लाहौर में मंगलवार को छात्रों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या की निंदा की और कराची में हुए हिंसक घटनाक्रम के लिए अमेरिकी सुरक्षा बलों पर आरोप लगाए।

पाकिस्तान की सीनेट में विपक्ष के नेता अल्लामा राजा नासिर अब्बास ने बताया कि कराची में रविवार को अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के जवानों की गोलीबारी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और लगभग 40 लोग घायल हुए।

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, पाकिस्तान में अलग-अलग शहरों में हुए विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 34 लोग मारे जा चुके हैं और 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं।

अमेरिका-इजराइल हमले का असर

दरअसल, यह हिंसा 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले के बाद शुरू हुई। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की उम्र 86 साल थी और उन्हें शिया मुसलमानों के बीच अत्यंत सम्मानित नेता माना जाता था।

विश्वभर के मुस्लिम समुदाय में शिया मुसलमान लगभग 10 से 15 प्रतिशत हैं। शिया समुदाय ईरान, इराक, बहरीन और अजरबैजान में मुख्य रूप से रहते हैं, जबकि पाकिस्तान, लेबनान और यमन में भी उनकी बड़ी आबादी है। खामेनेई की मौत की खबर के कुछ ही घंटों में पाकिस्तान में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

मिडिल ईस्ट में और बढ़ा तनाव

इसी दौरान इराक में अमेरिकी दूतावास के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। वहीं लेबनान में ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह संगठन ने एक साल से अधिक समय बाद पहली बार इजराइल की ओर मिसाइलें दागीं। इन घटनाओं ने पश्चिम एशिया और आसपास के क्षेत्रों में तनाव और बढ़ा दिया है।

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