Search
  • शिक्षा/कैरियर
  • सामान्य ज्ञान
  • कथा कहानी
logo
  • होम
  • समाचार
  • भारत
  • देश-विदेश
  • खेल-जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • धर्म-कर्म
  • मनोरंजन
  • हेल्थ ब्यूटी
  • अन्य

    समाचार

    भारत देश-विदेश बिज़नेस क्राइम खेल जगत सोशल मीडिया मौसम-वातावरण इतिहास बजट

    देश-विदेश

    यूरोप एशिया N R I न्यूज़ अमेरिका - कनाडा

    खेल-जगत

    क्रिकेट फुटबॉल हॉकी अन्य खेल कबड्डी Tennis Paris ओलंपिक्स 2024 वुमन्स क्रिकेट

    बिजनेस

    बाजार अन्य न्यूज़ सोना और चांदी बैंकिंग एंड फाइनेंस

    टेक्नोलॉजी

    मोबाइल गैजेट्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसरो-नासा अन्य

    धर्म-कर्म

    सामान्य ज्ञान रामायण ज्ञान महाभारत ज्ञान व्रत-त्यौहार पूजा-पाठ राशिफल इतिहास और विरासत

    मनोरंजन

    Box Office Collection बॉलीवुड टीवी शो Bigg Boss मूवी रिव्यू

    हेल्थ ब्यूटी

    घरेलु उपचार-टिप्स पुरुष हेल्थ - टिप्स ब्यूटी - स्किन केयर महिला हेल्थ-टिप्स स्वास्थ्य उपाय

    subkuz स्पेशल

    कथा - कहानियां मुंशी प्रेमचंद-कविताएं मुंशी प्रेमचंद प्रेरक कहानियाँ अजीबोगरीब सपने महान हस्तियां

    शिक्षा-कैरियर

    नौकरी शिक्षा समाचार प्रतियोगी परीक्षाएँ करियर गाइडेंस सक्सेस स्टोरीज

    खान-पान

    उतर-भारतीय पकवान - रेसिपी पंजाबी पकवान - रेसिपी स्वीट-डिश - रेसिपी घरेलु रेसिपी

    सामान्य ज्ञान

    बिज़नेस - बैंकिंग - रोजगार एजुकेशन- जॉब - तैयारी यूरोपियन अविष्कार विरासत - धरोहर विज्ञानं-इतिहास राजा महाराजाओ का इतिहास सामान्य - ज्ञान टेक्नोलॉजी
  • होम
  • समाचार
  • भारत
  • देश-विदेश
  • खेल-जगत
  • टेक्नोलॉजी
  • बिजनेस
  • धर्म-कर्म
  • मनोरंजन
  • हेल्थ ब्यूटी
🎨

Happy Holi 🌈

Subkuz celebrates the festival of colors, joy & togetherness

  • होम
  • देश-विदेश
  • एशिया
  • ईरान में सत्ता परिवर्तन, मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, विशेषज्ञ सभा ने दी मंजूरी

ईरान में सत्ता परिवर्तन, मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, विशेषज्ञ सभा ने दी मंजूरी

ईरान में सत्ता परिवर्तन, मोजतबा खामेनेई बने नए सुप्रीम लीडर, विशेषज्ञ सभा ने दी मंजूरी
Laxmi Jangir
Laxmi Jangir
Last Updated: Mar 04, 2026, 09:57 AM IST

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान की विशेषज्ञ सभा ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर घोषित किया है। सुरक्षा हालात के बीच यह फैसला आभासी बैठकों में लिया गया, जिससे वंशानुगत उत्तराधिकार पर बहस तेज हो गई है।

Iran Update: ईरान की विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने देश के नए सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) के रूप में मोजतबा खामेनेई के नाम पर मुहर लगा दी है। यह फैसला उस समय लिया गया जब पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद ईरान में उत्तराधिकार को लेकर गहरा संकट पैदा हो गया था। अब इस नियुक्ति के साथ देश में सत्ता का नया अध्याय शुरू हो गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया जब ईरान पहले से ही युद्ध जैसे हालात का सामना कर रहा है। क्षेत्रीय तनाव, अंतरराष्ट्रीय दबाव और आंतरिक अस्थिरता के बीच नए सुप्रीम लीडर का चयन बेहद अहम माना जा रहा है। मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।

आभासी बैठकों में हुआ चयन

यह भी पढ़ें:-
  • image

    अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच मार्को रुबियो ने पाकिस्तानियों के वीजा रद्द करने की मांग, भारत का नाम लेकर दी चेतावनी

  • image

    मिसाइल हमलों के चलते मिडिल ईस्ट में सुरक्षा खतरा, प्रमुख एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स रद्द

  • image

    खामेनेई के निधन पर शहबाज शरीफ का भावुक संदेश, बोले- 'कठिन समय में पाकिस्तान ईरान के साथ खड़ा है'

  • image

    सुप्रीम लीडर की मौत के बाद कोम में फहराया गया लाल झंडा, क्यों खास है यह प्रतीक और क्या है इसका अर्थ?

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञ सभा की पूर्ण बैठक मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के कारण संभव नहीं हो सकी। इसलिए यह निर्णय आभासी बैठकों (virtual meetings) और आंतरिक परामर्श के जरिए लिया गया। सूत्रों का दावा है कि इस प्रक्रिया में शक्तिशाली Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC की अहम भूमिका रही।

बताया जा रहा है कि IRGC ने कट्टरपंथी गुटों को एकजुट कर मोजतबा खामेनेई के पक्ष में माहौल बनाया। उनका तर्क था कि मौजूदा हालात में ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो सुरक्षा तंत्र को अच्छी तरह समझता हो और पहले से सत्ता के केंद्र में प्रभाव रखता हो। मोजतबा को उनके पिता के कार्यकाल के दौरान सुरक्षा और राजनीतिक मामलों में सक्रिय माना जाता रहा है।

कौन हैं मोजतबा खामेनेई

यह भी पढ़ें:-
ईरान का 500 अमेरिकी सैनिक मारे जाने का दावा, अमेरिका ने खारिज किया आंकड़ा, परमाणु मुद्दे पर बढ़ा तनाव
खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में उग्र प्रदर्शन, कराची और गिलगित-बाल्टिस्तान में हालात बेकाबू, अब तक 22 की मौत

मोजतबा खामेनेई की उम्र लगभग 56 वर्ष है और वे एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु हैं। उन्हें हुज्जतुल इस्लाम (Hojjatoleslam) की धार्मिक उपाधि प्राप्त है। हालांकि यह रैंक सर्वोच्च नेता के पद के लिए पारंपरिक रूप से उच्चतम धार्मिक योग्यता नहीं मानी जाती, लेकिन उनके राजनीतिक संबंध और सुरक्षा तंत्र में प्रभाव को निर्णायक माना गया।

वे लंबे समय से पर्दे के पीछे प्रभावशाली भूमिका निभाते आए हैं। ईरान की राजनीति में उनका नाम अक्सर सामने आता रहा है, खासकर 2009 के चुनावी विवादों के दौरान। माना जाता है कि उनका बसिज मिलिशिया और IRGC से गहरा संबंध है। यही वजह है कि संकट की घड़ी में उन्हें एक मजबूत विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया।

वंशानुगत उत्तराधिकार पर उठे सवाल

मोजतबा की नियुक्ति को लेकर सबसे बड़ा विवाद वंशानुगत उत्तराधिकार (hereditary succession) को लेकर है। ईरान की 1979 की इस्लामी क्रांति की मूल भावना में राजशाही व्यवस्था का विरोध शामिल था। ऐसे में पिता के बाद बेटे का सर्वोच्च नेता बनना कई लोगों को राजशाही जैसा कदम लगता है।

यह भी पढ़ें:-
ईरान-इजरायल संघर्ष पर ऑस्ट्रेलिया का रुख साफ, सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखने का लिया फैसला
इजरायल ने मिडिल ईस्ट में दुश्मनों का किया सफाया, अब कौन होगा क्षेत्र का प्रमुख

कुछ कट्टरपंथी समूह भी इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताए जा रहे। उनका मानना है कि सुप्रीम लीडर का चयन केवल धार्मिक योग्यता और व्यापक समर्थन के आधार पर होना चाहिए। हालांकि मौजूदा हालात में स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए इस नियुक्ति को आगे बढ़ाया गया।

खामेनेई की मौत के बाद बना था अंतरिम तंत्र

28 फरवरी 2026 को हुए हवाई हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में तीन सदस्यीय अंतरिम परिषद ने अस्थायी रूप से सत्ता संभाली थी। इस परिषद में राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और गार्जियन काउंसिल के एक ज्यूरिस्ट शामिल थे। इस दौरान देश में आपात हालात बने रहे और नए नेता के चयन को लेकर लगातार बैठकों का दौर चलता रहा।

विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने पहले ही संकेत दिया था कि नया सुप्रीम लीडर जल्द चुना जाएगा। अब मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति के साथ उस प्रक्रिया पर विराम लग गया है।

मोजतबा खामेनेई ऐसे समय में सत्ता संभाल रहे हैं जब ईरान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े दबाव का सामना कर रहा है। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव ने देश की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर डाला है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने हालात और जटिल बना दिए हैं।

यह भी पढ़ें:-
ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, शीर्ष नेतृत्व हटाने वाले वेनेजुएला मॉडल की दी मिसाल
पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात के बीच नेपाल ने बनाया आपात राहत दल, नागरिकों की सुरक्षा को दी प्राथमिकता

Leave a comment
Preovious News रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की पहली फिल्म 'गीता गोविंदम', ओटीटी पर दिखेगी दोस्ती से प्यार तक की कहानी
Next News राज्यसभा सीट पर MVA में तकरार, शरद पवार की उम्मीदवारी पर सस्पेंस, आज बैठक में हो सकता है बड़ा फैसला
 

Latest News

  • इजरायल ने मिडिल ईस्ट में दुश्मनों का किया सफाया, अब कौन होगा क्षेत्र का प्रमुख

    इजरायल ने मिडिल ईस्ट में दुश्मनों का किया सफाया, अब कौन होगा क्षेत्र का प्रमुख

  • ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, शीर्ष नेतृत्व हटाने वाले वेनेजुएला मॉडल की दी मिसाल

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, शीर्ष नेतृत्व हटाने वाले वेनेजुएला मॉडल की दी मिसाल

  • ईरान-इजरायल संघर्ष पर ऑस्ट्रेलिया का रुख साफ, सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखने का लिया फैसला

    ईरान-इजरायल संघर्ष पर ऑस्ट्रेलिया का रुख साफ, सैन्य हस्तक्षेप से दूरी बनाए रखने का लिया फैसला

  • ईरान का 500 अमेरिकी सैनिक मारे जाने का दावा, अमेरिका ने खारिज किया आंकड़ा, परमाणु मुद्दे पर बढ़ा तनाव

    ईरान का 500 अमेरिकी सैनिक मारे जाने का दावा, अमेरिका ने खारिज किया आंकड़ा, परमाणु मुद्दे पर बढ़ा तनाव

  • खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में उग्र प्रदर्शन, कराची और गिलगित-बाल्टिस्तान में हालात बेकाबू, अब तक 22 की मौत

    खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में उग्र प्रदर्शन, कराची और गिलगित-बाल्टिस्तान में हालात बेकाबू, अब तक 22 की मौत

यह भी पढ़ें

  • Happy Holi 2026 Wishes: नए और खास मैसेज भेजकर मनाएं त्योहार

    Happy Holi 2026 Wishes: नए और खास मैसेज भेजकर मनाएं त्योहार

  • होली 2026 पर ब्लड मून, जानें चंद्र ग्रहण के समय सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं त्योहार

    होली 2026 पर ब्लड मून, जानें चंद्र ग्रहण के समय सुरक्षित तरीके से कैसे मनाएं त्योहार

  • Falgun Purnima 2026: इस पूर्णिमा पर करें खास उपाय, मान्यता है पितृ दोष होता है शांत

    Falgun Purnima 2026: इस पूर्णिमा पर करें खास उपाय, मान्यता है पितृ दोष होता है शांत

  • Holi 2026: होलिका दहन के बाद इन स्थानों पर दीप जलाने की है परंपरा, जानें महत्व

    Holi 2026: होलिका दहन के बाद इन स्थानों पर दीप जलाने की है परंपरा, जानें महत्व

  • होलिका दहन 2026: होली से पहले घर में अपनाएं ये वास्तु उपाय

    होलिका दहन 2026: होली से पहले घर में अपनाएं ये वास्तु उपाय

subkuz logo

Subkuz.com is the first in the world to publish local content in all major cities in the world. it is world first multicity portal now live with 151 cities. subkuz.com provides news of your local city in Hindi with Indian and world news.

Quick Links

  • Finland News
  • Sports News
  • General Knowledge
  • Women Health Tips
  • Cricket News
  • Bollywood News
  • Subkuz Special

Top City News

  • Helsinki Hindi News
  • Mumbai Hindi News
  • Delhi Hindi News
  • New York Hindi News
  • London Hindi News
  • Sydney Hindi News
  • Tokyo Hindi News

Other Links

  • Success Stories in Hindi
  • Paris Hindi News
  • International News in Hindi
  • India Hindi News
  • Male Health Tips

Quick Links

  • होम
  • About Us
  • हमारे मदतगारों और सामग्री
    भेजनेवालों के लिए निर्देश
Download on the App Store Download on the Google Play
@ 2026 Subkuz All Rights Reserved.
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
Select City

We use cookies to personalise content and ads, and to analyse our traffic. We also share information about your use of our site with Google Ads and Google Analytics. By clicking "Accept All", you agree to the use of cookies for ads, analytics, and personalization.