पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल आसान है, लेकिन यह डेटा चोरी और साइबर स्कैम का खतरा बढ़ा सकता है। मैन-इन-द-मिडल अटैक और मैलवेयर इंस्टॉलेशन जैसी समस्याओं के कारण पासवर्ड, बैंक डिटेल और निजी जानकारी जोखिम में पड़ सकती है। VPN, HTTPS, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और एंटीवायरस से सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है।
Cybersecurity Alert: पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल करते समय सावधानी बेहद जरूरी है, क्योंकि एयरपोर्ट, कैफे या पब्लिक हॉटस्पॉट जैसे नेटवर्क अक्सर अनएनक्रिप्टेड होते हैं और डेटा चोरी का खतरा रखते हैं। ये नेटवर्क मैन-इन-द-मिडल अटैक और मैलवेयर इंस्टॉलेशन के लिए संवेदनशील होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि VPN, HTTPS, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और एंटीवायरस का इस्तेमाल करके उपयोगकर्ता अपने डेटा की सुरक्षा कर सकते हैं और साइबर स्कैम से बच सकते हैं।
सार्वजनिक वाईफाई पर स्कैम का खतरा
एयरपोर्ट, कैफे या मार्केट जैसे पब्लिक प्लेस पर फ्री वाईफाई का इस्तेमाल करना आसान जरूर है, लेकिन यह आपके डेटा के लिए खतरनाक हो सकता है। पब्लिक वाईफाई अनएनक्रिप्टेड होता है, जिससे कोई भी आपके इंटरनेट ट्रैफिक को देख या चुरा सकता है। खासकर फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन या संवेदनशील जानकारी भेजते समय यह खतरा बढ़ जाता है।

मैन-इन-द-मिडल अटैक का खतरा
पब्लिक वाईफाई पर मैन-इन-द-मिडल अटैक सबसे आम साइबर खतरा है। इस तरह के अटैक में स्कैमर ARP स्पूफिंग के जरिए नेटवर्क ट्रैफिक को अपने डिवाइस पर रिडायरेक्ट कर लेते हैं। परिणामस्वरूप आपका पासवर्ड, बैंक डिटेल्स और अन्य व्यक्तिगत जानकारी सीधे स्कैमर के हाथ में जा सकती है।
ऐसे नेटवर्क पर मैलवेयर इंस्टॉल होने का खतरा भी रहता है। इसलिए किसी भी पब्लिक वाईफाई पर बैंकिंग, शॉपिंग या संवेदनशील डेटा प्रोसेस करने से बचना चाहिए।
सुरक्षित रहने के उपाय
अगर पब्लिक वाईफाई का इस्तेमाल अनिवार्य है, तो VPN का इस्तेमाल करें। यह आपके कनेक्शन को एनक्रिप्ट करके डेटा चोरी से बचाता है। इसके अलावा HTTPS वाले वेब पेज ही खोलें और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) इनेबल रखें। फायरवॉल ऑन रखें और एंटीवायरस सॉफ्टवेयर से डिवाइस को स्कैन करना न भूलें।
इन सावधानियों के साथ, पब्लिक वाईफाई इस्तेमाल करना थोड़ा सुरक्षित हो सकता है और आपका डेटा सुरक्षित रह सकता है।










