भीलवाड़ा की कपड़ा फैक्ट्री में बॉयलर क्षेत्र में काम कर रहे दो श्रमिक संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। अनुमानित कारण जहरीली गैस। गुस्साए श्रमिकों ने अस्पताल और फैक्ट्री में प्रदर्शन किया। पुलिस और प्रशासन मौके पर मौजूद हैं।
Rajasthan: भीलवाड़ा जिले के मंडल थाना क्षेत्र में स्थित कपड़ा फैक्ट्री में सोमवार को बड़ा हादसा हुआ। फैक्ट्री के बॉयलर साइड पर काम कर रहे दो श्रमिक अचानक बेहोश पाए गए। उनके सहकर्मियों ने उन्हें बेहोशी की हालत में देखा और तुरंत पुलिस तथा 108 एंबुलेंस को सूचना दी।
सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों श्रमिकों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य श्रमिकों में हड़कंप मच गया और पूरे परिसर में तनाव फैल गया।
मृत्यु के कारणों का खुलासा नहीं
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों श्रमिकों की मौत बॉयलर से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण हुई मानी जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे हैं।

मृतक श्रमिकों के नाम और उम्र की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस ने दोनों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। फैक्ट्री में अचानक हुई इस घटना से अन्य श्रमिक भयभीत और आक्रोशित हैं।
गुस्साए श्रमिकों का प्रदर्शन
दोनों श्रमिकों की मौत के बाद फैक्ट्री में काम कर रहे अन्य श्रमिकों ने गुस्से में आकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में श्रमिक महात्मा गांधी अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए और फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ आवाज उठाई। उनका कहना था कि बॉयलर की गैस लीक होने के कारण दोनों की जान गई, और अगर सुरक्षा उपाय होते तो यह हादसा टल सकता था।
पुलिस और अस्पताल स्टाफ ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। मांडल थाना पुलिस और एमजी चौकी के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से समझाइश दे रहे हैं।
फैक्ट्री सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। बॉयलर जैसे खतरनाक क्षेत्र में उचित सुरक्षा न होने के कारण श्रमिकों का जीवन खतरे में पड़ गया। पुलिस और फैक्ट्री प्रशासन दोनों ही मामले की जांच कर रहे हैं। मृतक श्रमिकों के परिजनों के लिए मुआवजा और न्याय दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
श्रमिकों ने फैक्ट्री में सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने की मांग की है। इस घटना ने पूरे उद्योग क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को फिर से उजागर कर दिया है।











