स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इस बार मामला उनकी एक टी-शर्ट से जुड़ा है, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना ने कड़ी आपत्ति जताई है।
नई दिल्ली: कॉमेडियन कुणाल कामरा एक नई टी-शर्ट की वजह से विवादों में आ गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक फोटो साझा की है, जिसमें उनकी टी-शर्ट पर कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मज़ाक उड़ाने का प्रयास किया गया है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद भाजपा भड़क गई और कामरा को कड़ी चेतावनी दी है। भाजपा नेताओं ने इस पोस्ट को अपमानजनक और भड़काऊ बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।
वहीं, विवाद बढ़ने के बाद कुणाल कामरा ने सोशल मीडिया पर सफाई देते हुए कहा कि आरएसएस का संदर्भ देने वाली यह तस्वीर किसी कॉमेडी क्लब में नहीं खींची गई थी।
सोशल मीडिया पोस्ट से भड़का विवाद
कुणाल कामरा ने हाल ही में अपने एक्स अकाउंट पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह एक ऐसी टी-शर्ट पहने नजर आ रहे हैं जिस पर एक कुत्ते की तस्वीर है और उसे कथित रूप से RSS से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्ट सामने आते ही यह तेजी से वायरल हो गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने इसे जानबूझकर किया गया अपमान बताया है।
कामरा ने बाद में सफाई देते हुए कहा कि जिस स्थान पर यह तस्वीर ली गई, वह कोई कॉमेडी क्लब नहीं था। हालांकि, उनकी इस सफाई से विवाद थमने के बजाय और तेज हो गया।
BJP ने दी पुलिस कार्रवाई की चेतावनी

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो भी व्यक्ति सार्वजनिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होना तय है।
बावनकुले ने कहा, कुणाल कामरा की पोस्ट न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि यह जानबूझकर समाज में तनाव फैलाने वाली भी है। पुलिस को ऐसे मामलों में सख्ती दिखानी चाहिए।
शिवसेना का भी तीखा हमला
भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने भी इस विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी के कैबिनेट मंत्री संजय शिरसाट ने चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की हरकतों पर कड़ा जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुणाल कामरा पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर टिप्पणियां कर चुके हैं और अब उन्होंने सीधे RSS को निशाना बनाने की “हिम्मत” की है।
शिरसाट के अनुसार, RSS कोई सामान्य संगठन नहीं है, यह करोड़ों स्वयंसेवकों की भावना से जुड़ा हुआ है। इस तरह की टिप्पणियां स्वीकार नहीं की जा सकतीं। इस पूरे विवाद के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। एक वर्ग कुणाल कामरा की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे धार्मिक-राजनीतिक भावनाओं को भड़काने वाला कृत्य बता रहा है। कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या हास्य की आड़ में किसी संस्था का अपमान करना उचित है।
यह पहली बार नहीं है जब कुणाल कामरा किसी राजनीतिक विवाद में फंसे हों। मार्च 2024 में भी वह तब घिर गए थे, जब उन्होंने अपने एक लाइव शो में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राजनीतिक करियर पर व्यंग्य किया था। उन्होंने एक लोकप्रिय हिंदी फिल्म के गाने के बोल बदलकर राजनीतिक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने मुंबई के खार स्थित हैबिटेट कॉमेडी क्लब और उससे जुड़े होटल में तोड़फोड़ भी की थी।










