फरवरी 2026 में भारत का GST संग्रह 1.83 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ा, साल-दर-साल 8.1% उछाल दर्ज हुआ। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात ने सबसे अधिक योगदान दिया। वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल GST 20.27 लाख करोड़ रहा।
New Delhi: फरवरी 2026 में भारत का सकल गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) संग्रह साल-दर-साल 8.1% बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था में व्यापार गतिविधियों की मजबूती और टैक्स कलेक्शन में सुधार को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2026 के लिए अब तक कुल सकल जीएसटी राजस्व 20.27 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
सरकार द्वारा रविवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 28 फरवरी तक FY26 के लिए टोटल ग्रॉस GST रेवेन्यू में 8.3% की बढ़त दर्ज हुई है। इसी अवधि में कुल रिफंड 22,595 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि से 10.2% अधिक है। इस वजह से फरवरी में शुद्ध जीएसटी रेवेन्यू 1.61 लाख करोड़ रुपये रहा।
ग्रॉस डोमेस्टिक और इंपोर्ट रेवेन्यू में मजबूती
फरवरी 2026 में ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 5.3% अधिक है। वहीं, ग्रॉस इंपोर्ट रेवेन्यू में 17.2% की वृद्धि देखी गई और यह 47,837 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। नेट सेस रेवेन्यू इस बार 5,063 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल फरवरी में यह 13,481 करोड़ रुपये था।
GST के मासिक स्टेटमेंट से स्पष्ट है कि घरेलू और इंपोर्ट से होने वाले टैक्स कलेक्शन में लगातार मजबूती बनी हुई है। यह संकेत है कि देश में आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं और कारोबारी लेन-देन बढ़ रहे हैं।
महाराष्ट्र ने सबसे अधिक योगदान दिया
फरवरी 2026 के SGST सेटलमेंट के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र ने 10,286 करोड़ रुपये के साथ टैक्स में सबसे बड़ा योगदान दिया। इसके बाद कर्नाटक और गुजरात का स्थान रहा। इन राज्यों ने पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी के अनुसार पॉजिटिव जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ भी दर्ज की।
पॉजिटिव ग्रोथ वाले अन्य राज्यों में हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। इन राज्यों में टैक्स संग्रह में वृद्धि अर्थव्यवस्था में सुधार और व्यापार गतिविधियों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती है।
कुछ राज्यों में निगेटिव ग्रोथ
वहीं, कुछ राज्यों में पोस्ट-सेटलमेंट एसजीएसटी के अनुसार निगेटिव जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की गई। इन राज्यों में पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, त्रिपुरा और जम्मू और कश्मीर शामिल हैं। यह संकेत है कि इन राज्यों में व्यापार गतिविधियों की गति अपेक्षित स्तर से कम रही या टैक्स कलेक्शन में व्यवधान आया।
फाइनेंशियल ईयर के लिए कुल GST कलेक्शन
फरवरी 2026 तक वित्तीय वर्ष 2026 के लिए कुल GST कलेक्शन 20,27,033 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.3% अधिक है। इस आंकड़े से यह स्पष्ट होता है कि भारत की टैक्स बेस लगातार मजबूत हो रही है और जीएसटी प्रणाली प्रभावी रूप से काम कर रही है।
GST वृद्धि के अर्थ
GST संग्रह में लगातार वृद्धि यह संकेत देती है कि देश में आर्थिक गतिविधियां सुधर रही हैं। व्यापारिक लेन-देन और इंपोर्ट से होने वाली कमाई में सुधार का सीधा असर जीएसटी कलेक्शन पर देखा जा सकता है। निवेशक और व्यापारी इस ट्रेंड को देखकर भविष्य की योजना बना सकते हैं।









