पुणे महानगरपालिका चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है। शहर में पहली बार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों धड़ शरद पवार गुट और अजित पवार गुट एक साथ बैठकर चुनावी रणनीति पर चर्चा करते नजर आए।
Elections 2026: पुणे महानगरपालिका चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव की रणनीति तैयार करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों धड़े शरद पवार गुट और अजित पवार गुट पहली बार एक मंच पर बैठक करने नजर आए। बैठक का मुख्य एजेंडा था आगामी चुनाव में सीटों का बंटवारा और चुनावी रणनीति तय करना।
महाविकास आघाड़ी नहीं, केवल एनसीपी दोनों धड़े साथ
सूत्रों की मानें तो इस बार महाविकास आघाड़ी के तहत चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं है। केवल दोनों NCP गुट मिलकर पुणे महानगरपालिका चुनाव में उतरेंगे। पुणे में नगरपरिषद और नगराध्यक्ष चुनावों में अजित पवार गुट के बेहतर प्रदर्शन ने इस फैसले को और मजबूती दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दोनों गुटों का मिलकर चुनाव लड़ना पार्टी के लिए एक रणनीतिक कदम है, जिससे पार्टी का जनाधार और संगठनात्मक ताकत सुनिश्चित हो सके। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच खींचतान जारी है।
बैठक में शरद पवार गुट ने स्पष्ट रूप से 40–45 सीटों की मांग की। उनका तर्क है कि पुणे में पार्टी का परंपरागत जनाधार और मजबूत संगठन उन्हें इतनी सीटें मिलने का हक देता है। इसके विपरीत, अजित पवार गुट ने 30 सीटें देने की स्थिति बनाई है। यहाँ दोनों गुटों के बीच सबसे अधिक मंथन और विचार-विमर्श इसी मुद्दे पर हुआ। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह खींचतान आगामी चुनाव की रणनीति और गुटों के गठबंधन को लेकर संकेत देती है।

बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
बैठक में अजित पवार गुट की ओर से सुभाष जगताप और सुनील टिंगरे, जबकि शरद पवार गुट की ओर से विशाल तांबे और अंकुश काकड़े मौजूद रहे। बैठक का माहौल औपचारिक लेकिन सकारात्मक बताया गया। दोनों पक्षों ने किसी भी तरह की सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए, सीधी बातचीत और सामूहिक निर्णय पर जोर दिया।
सीटों के बंटवारे का अंतिम फैसला सुप्रिया सुळे और अजित पवार मिलकर करेंगे। दोनों नेताओं के बीच जल्द ही एक और बैठक होने की संभावना है, जिसमें अंतिम सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय किया जाएगा।











