भारतीय टेलीविजन और फिल्मों की दुनिया में नाम कमाने वाली रूपा गांगुली ने अपने करियर और निजी जीवन दोनों में संघर्षों का सामना किया है। उन्हें सबसे ज्यादा पहचान बीआर चोपड़ा के 'महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका से मिली, जिसमें उनके अभिनय ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: रूपा गांगुली ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म ‘पार’ से की थी। इसके बाद उन्हें कई हिंदी और बंगाली फिल्मों में देखा गया। हालांकि, उनके करियर को नई दिशा बी. आर. चोपड़ा के ‘महाभारत’ के जरिए मिली। इस शो में उन्होंने द्रौपदी का रोल निभाया। अपनी एक्टिंग से उन्होंने इस किरदार में इतनी जान डाली कि रातों-रात टीवी की स्टार बन गईं।
इस शो को अब 36 साल हो चुके हैं, लेकिन अभी भी लोग द्रौपदी की भूमिका निभाने वाली रूपा को नहीं भूले हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि रूपा की पर्सनल लाइफ काफी दर्द भरी रही।
अभिनय से मिली पहचान
रूपा गांगुली ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1984 में पार फिल्म से की थी। इसके बाद वह कई हिंदी और बंगाली फिल्मों में नजर आईं। लेकिन उन्हें असली पहचान 1988 में प्रसारित महाभारत से मिली। इस शो में द्रौपदी का किरदार निभाते हुए उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उनका यह किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है।
महाभारत में उनकी भूमिका इतनी प्रभावशाली थी कि रातों-रात रूपा गांगुली टीवी की स्टार बन गईं। इस शो को 36 साल हो चुके हैं, लेकिन आज भी लोग उन्हें द्रौपदी के रूप में याद करते हैं।

शादी के बाद एक्टिंग छोड़नी पड़ी
रूपा ने 1992 में ध्रुब मुखर्जी से शादी की। शादी के बाद उनके पति ने उन्हें घरेलू जीवन के लिए दबाव डाला और रूपा ने एक्टिंग छोड़ दी। इस निर्णय के बाद उन्हें अपने खर्चों और जरूरतों के लिए पति पर निर्भर रहना पड़ा। रूपा ने बाद में खुलासा किया कि इस निर्भरता ने उन्हें मानसिक रूप से बहुत प्रभावित किया।
15 साल तक इस स्थिति में रहने के बाद, उन्होंने 2007 में ध्रुब मुखर्जी से तलाक ले लिया। इसके बाद रूपा ने बंगाली सिंगर दिब्येंदु मुखर्जी के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहना शुरू किया, लेकिन यह रिश्ता भी लंबे समय तक नहीं चला।
निजी जीवन में संघर्ष और मानसिक स्वास्थ्य
रूपा गांगुली ने कई बार स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने जीवन में तीन बार आत्महत्या करने की कोशिश की। इन अनुभवों ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया और मर्दों के प्रति उनकी असुरक्षा बढ़ा दी। इन संघर्षों के बावजूद, उन्होंने अपने फैंस के लिए एक्टिंग जारी रखी और दर्शकों को मनोरंजन प्रदान किया। उनका जीवन यह दर्शाता है कि कैसे किसी भी व्यक्ति को निजी समस्याओं और मानसिक दबावों के बावजूद अपने पेशेवर जीवन में मजबूती बनाए रखनी चाहिए।
एक्टिंग छोड़ने के बाद रूपा ने राजनीति की ओर रुख किया। आज वह बंगाल की राजनीति और समाज सेवा में सक्रिय हैं। अपने अनुभवों और संघर्षों के माध्यम से वह समाज में बदलाव लाने का काम कर रही हैं। उनके कार्यों में महिलाओं और बच्चों के उत्थान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।











