राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अपनी शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर देशभर में एक महत्त्वाकांक्षी आयोजन करने जा रहा है। संघ ने इस वर्षगांठ को 'समाज उत्सव' के रूप में मनाने की तैयारी की है और इसके तहत देशभर में एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) अपने शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर 15 जनवरी से देशभर में 'हिंदू सम्मेलन' आयोजित करेगा। यह जानकारी आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने रविवार को दी। संगठन ने देशभर में एक लाख से अधिक ऐसे सम्मेलनों का लक्ष्य रखा है, जिनमें से लगभग 2,000 सम्मेलन उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में आयोजित किए जाएंगे।
आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व ने शताब्दी वर्ष को 'समाज उत्सव' के रूप में मनाने और संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट करने का आह्वान किया है। इसके तहत पिछले वर्ष विजयदशमी के अवसर पर इस सम्मेलन श्रृंखला की शुरुआत की गई थी, जिसे अब पूरे देश में बढ़ाया जा रहा है।

सम्मेलन की योजना और उद्देश्य
RSS के वरिष्ठ पदाधिकारी ने रविवार को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि संघ का उद्देश्य इन सम्मेलनों के माध्यम से संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट करना और सामाजिक एकता का संदेश देना है। संघ का मानना है कि यह पहल सामाजिक भेदभाव, जातिवाद और वर्ग भेद से ऊपर उठकर एक साझा पहचान स्थापित करने में सहायक होगी।
ब्रज प्रांत के प्रचार प्रमुख कीर्ति कुमार ने कहा, इन सम्मेलनों का उद्देश्य हिंदू समाज को एक साथ लाना और लोगों को आपस में जोड़ना है। सम्मेलन में सामाजिक सद्भाव, एकता और नेतृत्व द्वारा सुझाए गए पांच परिवर्तनकारी बदलावों पर चर्चा होगी, जो समाज में सुधार और सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करेंगे। RSS के अनुसार, यह पहल केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने वाला मंच भी है।
ब्रज प्रांत में विशेष तैयारियां
ब्रज प्रांत के 12 जिलों में 15 जनवरी से 15 फरवरी के बीच हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इस क्षेत्र में लगभग 2,000 सम्मेलन होंगे, जिनमें 3,000 बस्तियां और मंडल शामिल हैं। स्थानीय आयोजन समितियां 11 से 21 जनवरी के बीच अंतिम तैयारियां पूरी कर रही हैं। मथुरा जिले के बारे में जानकारी देते हुए क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख जगदीश प्रसाद ने बताया कि जिले के 86 मंडलों और 76 शहरी बस्तियों में लगभग 150 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।
इन सम्मेलनों में बुद्धिजीवी, शिक्षक, चिकित्सक, इंजीनियर, महिला प्रतिभागी, संत और अन्य प्रमुख नागरिक उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन के दौरान स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और कार्यक्रम का समापन सामुदायिक भोज के साथ होगा। RSS का उद्देश्य है कि यह सम्मेलन न केवल विचारों और चर्चाओं का मंच बने, बल्कि स्थानीय समुदायों में सकारात्मक सहभागिता और सामाजिक मेलजोल को भी बढ़ावा दे।










