सीकर के नवलगढ़ रोड पर स्थित एक रेस्टोरेंट से फूड सेफ्टी विभाग ने 30 किलो मिलावटी पनीर जब्त कर नष्ट किया। आसपास हॉस्टल होने से छात्रों की सेहत से खिलवाड़ की आशंका जताई जा रही है।
Sikar: पूरा मामला उस समय सामने आया जब उद्योग नगर थानाधिकारी राजेश कुमार बुडानिया शनिवार देर रात गश्त पर थे। रात करीब 2:30 बजे उन्होंने नवलगढ़ रोड क्षेत्र में एक पिकअप वाहन से संदिग्ध तरीके से सामान उतारते कुछ युवकों को देखा। पुलिस वाहन को देखकर तीन युवक तुरंत मौके से छिप गए, जिससे पुलिस को शक हुआ।
संदेह के आधार पर SHO ने पास ही स्थित रेस्टोरेंट में जाकर जांच की। रेस्टोरेंट के भीतर संचालक मौजूद था। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि पनीर की एक बड़ी खेप हाल ही में अलवर से मंगवाई गई है। पनीर की हालत और गुणवत्ता देखकर पुलिस को इसमें मिलावट की आशंका हुई।
फूड सेफ्टी विभाग की छापेमारी
पुलिस ने तुरंत फूड सेफ्टी विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने पर रविवार शाम फूड सेफ्टी ऑफिसर नंदराम के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान रेस्टोरेंट में रखा करीब 30 किलो पनीर खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा।

जांच के दौरान पनीर को पूरी तरह मिलावटी पाया गया। नियमों के अनुसार विभाग ने पनीर को वहीं नष्ट कर दिया। अधिकारियों ने चेताया कि इस प्रकार का पनीर सेहत के लिए बेहद हानिकारक होता है।
हॉस्टल क्षेत्र में सप्लाई से बढ़ी चिंता
जिस इलाके में यह रेस्टोरेंट स्थित है, वहां आसपास दर्जनों हॉस्टल संचालित हैं। इन हॉस्टलों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं, जो रोजाना भोजन और अन्य खाद्य सामग्री इसी तरह के रेस्टोरेंट और मैस से लेते हैं।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि मिलावटी पनीर की सप्लाई लंबे समय से चल रही हो सकती है। अगर ऐसा है, तो हजारों छात्रों और आम लोगों की सेहत पर इसका गंभीर असर पड़ा होगा। यह मामला केवल नियमों के उल्लंघन का नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय माना जा रहा है।
सप्लाई चेन और संचालक पर होगी कार्रवाई
फूड सेफ्टी विभाग ने रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि पनीर कहां से लाया गया, कितने समय से इसकी सप्लाई हो रही थी और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
विभाग का कहना है कि भविष्य में इस तरह की मिलावट को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। अधिकारियों ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं संदिग्ध खाद्य सामग्री दिखाई दे, तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें।












