सीरिया ने नए साल पर बदली अपनी करेंसी, नोटों पर राष्ट्रपति की जगह दिखेगी प्रकृति की तस्वीरें

सीरिया ने नए साल पर बदली अपनी करेंसी, नोटों पर राष्ट्रपति की जगह दिखेगी प्रकृति की तस्वीरें

नए साल की शुरुआत के साथ सीरिया ने अपनी मुद्रा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव किया है। लंबे समय तक चले असद शासन के बाद अब देश ने नई राष्ट्रीय करेंसी को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया है। 

World News: सीरिया ने असद शासन के दौर के नोटों को बदलने के लिए नई मुद्रा जारी करना शुरू कर दिया है, जिसे देश की अर्थव्यवस्था में एक अहम प्रतीकात्मक और व्यावहारिक बदलाव माना जा रहा है। दमिश्क में आयोजित एक समारोह के दौरान अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलकादर हुसरिएह ने नए नोट पेश किए। 

ये नई करेंसी 1 जनवरी 2026 से आधिकारिक रूप से चलन में आ गई है। यह कदम वर्ष 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के अंत के बाद किए जा रहे व्यापक मौद्रिक सुधारों का हिस्सा है।

असद युग के नोटों का अंत

दमिश्क में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शारा और सीरिया के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलकादर हुसरिएह ने नए बैंकनोट्स पेश किए। यह कदम 2024 में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद शुरू किए गए व्यापक सुधारों का हिस्सा है। अब तक चलन में रहे सीरियन पाउंड के नोटों पर असद परिवार की तस्वीरें और शासन से जुड़े प्रतीक छपे होते थे। नई करेंसी के साथ असद युग की दृश्य पहचान पूरी तरह समाप्त कर दी गई है।

नए नोटों पर क्या है खास?

नई सीरियन करेंसी में सबसे बड़ा बदलाव डिजाइन को लेकर है। अब नोटों पर किसी राजनीतिक नेता या परिवार की तस्वीर नहीं होगी। उनकी जगह:

  • गुलाब
  • गेहूं
  • जैतून
  • संतरा
  • शहतूत

जैसे प्रकृति और कृषि से जुड़े प्रतीक शामिल किए गए हैं। राष्ट्रपति अहमद अल-शारा ने कहा कि ये प्रतीक “सीरिया की नई राष्ट्रीय पहचान, शांति और पुनर्निर्माण की दिशा” को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, “नई मुद्रा अतीत से अलग है और यह देश के भविष्य की ओर बढ़ने का संकेत है।

दो शून्य हटाए गए, लेन-देन होगा आसान

डिजाइन के साथ-साथ सीरिया ने अपनी करेंसी का रीडिनॉमिनेशन (पुनर्मूल्यांकन) भी किया है। इसके तहत:

  • पुराने 100 सीरियन पाउंड = 1 नया सीरियन पाउंड
  • यानी करेंसी से दो शून्य हटा दिए गए हैं

इस कदम का मकसद महंगाई से जूझ रही अर्थव्यवस्था में लेन-देन को सरल बनाना, हिसाब-किताब आसान करना और नकदी प्रबंधन को बेहतर करना है।सेंट्रल बैंक ने इस बदलाव के लिए 90 दिनों का ट्रांजिशन पीरियड घोषित किया है। इस दौरान:

  • पुराने और नए दोनों नोट वैध रहेंगे
  • लोग धीरे-धीरे नई करेंसी को अपनाएंगे
  • जरूरत पड़ने पर इस अवधि को बढ़ाया भी जा सकता है

सरकार का कहना है कि इससे आम नागरिकों और व्यापारियों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। हालांकि यह कदम ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक है, लेकिन खुद सरकार ने माना है कि सिर्फ नोट बदलने से अर्थव्यवस्था अपने आप मजबूत नहीं हो जाएगी।

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