पूर्वांचल में स्क्रब टाइफस का बढ़ता खतरा, वाराणसी में 493 मरीज मिले

पूर्वांचल में स्क्रब टाइफस का बढ़ता खतरा, वाराणसी में 493 मरीज मिले

पूर्वांचल के जिलों में स्क्रब टाइफस तेजी से फैल रहा है। वाराणसी स्थित बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में कराई गई जांच में बड़ी संख्या में मरीज संक्रमित पाए गए हैं। इस साल अब तक 2,790 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 493 में स्क्रब टाइफस की पुष्टि हुई है। आंकड़ों के अनुसार करीब 19 प्रतिशत मरीज इस बीमारी से संक्रमित मिले हैं।

चिकित्सकों के अनुसार स्क्रब टाइफस एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो छोटे कीट (माइट) के काटने से फैलता है। यह कीट आमतौर पर झाड़ियों, खेतों और घास-फूस वाले इलाकों में पाए जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और खेतों में काम करने वाले लोग इस बीमारी की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं।

स्क्रब टाइफस के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द शामिल हैं। कई मामलों में इसके लक्षण डेंगू या वायरल बुखार जैसे होने के कारण पहचान में देर हो जाती है, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो सकती है।

डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि बुखार लंबे समय तक रहने पर लापरवाही न करें और तुरंत जांच कराएं। साथ ही खेतों या झाड़ियों वाले इलाकों में काम करते समय पूरे कपड़े पहनने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी बढ़ते मामलों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।

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