स्टेट ऑफ द यूनियन में ऑपरेशन सिंदूर पर डोनाल्ड ट्रंप का दावा, परमाणु युद्ध टालने का लिया श्रेय

स्टेट ऑफ द यूनियन में ऑपरेशन सिंदूर पर डोनाल्ड ट्रंप का दावा, परमाणु युद्ध टालने का लिया श्रेय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप से भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध टल गया। स्टेट ऑफ द यूनियन में दिए बयान के बाद ऑपरेशन सिंदूर और कथित युद्धविराम को लेकर बहस फिर तेज हो गई।

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच कथित युद्धविराम का श्रेय खुद को दिया है। अपने State of the Union संबोधन के दौरान उन्होंने दावा किया कि यदि उन्होंने समय पर हस्तक्षेप नहीं किया होता तो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध छिड़ सकता था। ट्रंप ने कहा कि इस संभावित युद्ध में पाकिस्तान के लगभग साढ़े तीन करोड़ लोग मारे जा सकते थे।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा होती रही है। ट्रंप के इस दावे ने एक बार फिर Operation Sindoor और कथित Ceasefire को लेकर बहस तेज कर दी है।

स्टेट ऑफ द यूनियन में बड़ा बयान

सांसदों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि स्थिति बेहद गंभीर थी और दोनों देश परमाणु संघर्ष की ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने खुद उन्हें बताया था कि हालात युद्ध की कगार पर पहुंच चुके थे।

ट्रंप ने कहा कि यदि उन्होंने मध्यस्थता नहीं की होती तो हालात बेकाबू हो सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके हस्तक्षेप के कारण ही संभावित Nuclear War टल गया। हालांकि उन्होंने इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।

सीजफायर का कई बार कर चुके हैं जिक्र

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर खुद को शांति का सूत्रधार बताया हो। पिछले कुछ महीनों में वे कई मंचों पर यह दावा दोहरा चुके हैं कि मई 2025 के संघर्ष के दौरान उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी।

Board of Peace इवेंट में बोलते हुए ट्रंप ने कहा था कि अगर दोनों देश अपने मतभेद नहीं सुलझाते तो अमेरिका Trade Talks रोक सकता है। उनके मुताबिक यह कूटनीतिक दबाव ही था जिसने दोनों देशों को पीछे हटने पर मजबूर किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप अब तक 80 से अधिक बार यह दावा दोहरा चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष रोकने में उनकी निर्णायक भूमिका रही है।

ऑपरेशन सिंदूर क्या था

Operation Sindoor को लेकर आधिकारिक स्तर पर ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन इसे भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से जोड़कर देखा गया। उस समय सीमा पर गतिविधियां तेज थीं और दोनों देशों की सेनाएं अलर्ट पर थीं।

ट्रंप के अनुसार, हालात इतने गंभीर थे कि स्थिति परमाणु टकराव में बदल सकती थी। हालांकि भारत की ओर से हमेशा यह कहा जाता रहा है कि भारत की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति स्वतंत्र और संप्रभु निर्णयों पर आधारित है।

गिराए गए जेट विमानों पर अलग-अलग दावे

ट्रंप ने अपने अलग-अलग बयानों में संघर्ष के दौरान गिराए गए जेट विमानों का भी जिक्र किया है। हालांकि उन्होंने कभी स्पष्ट नहीं किया कि वे किस देश के विमान की बात कर रहे थे। अलग-अलग मौकों पर दिए गए उनके आंकड़ों में भी अंतर देखने को मिला है।

इस वजह से उनके दावों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठते रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकार मानते हैं कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर ठोस तथ्यों के बिना बयानबाजी से भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

Leave a comment