केरल ने स्वच्छता में बड़ा मुकाम हासिल किया। राज्य के 8 शहर भारत के 100 सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल। ब्रह्मपुरम में पहला सीबीजी संयंत्र संचालन में, अन्य शहरों में निर्माण जारी। कुल 1,591 करोड़ रुपये निवेश।
Kerala: केरल ने स्वच्छता के क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। राज्य के आठ शहर भारत के 100 सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल किए गए हैं। यह जानकारी केरल के स्थानीय शासन और स्वच्छता मंत्री एमबी राजेश ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि राज्य ने स्वच्छ और कचरा मुक्त बनने के लिए कई वर्षों से निरंतर प्रयास किए हैं और इसके लिए कुल 1,591.28 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
मंत्री राजेश ने कहा कि 'मलिन्य मुक्त नवकेरलम्' (कचरा मुक्त नया केरल) राज्य का प्रमुख लक्ष्य था और इसे हासिल करने में सफलता मिली है। उन्होंने मट्टन्नूर नगरपालिका को भी विशेष पुरस्कार मिलने की जानकारी दी। मट्टन्नूर नगरपालिका को केंद्र सरकार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया है।
कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों की स्थापना
राज्य में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्रों का निर्माण किया जा रहा है। मंत्री राजेश ने बताया कि ब्रह्मपुरम में पहला सीबीजी संयंत्र पूरा हो चुका है और यह अब पूरी तरह से संचालन में है। इसके अलावा, कोझिकोड, कोल्लम, त्रिशूर और चांगनास्सेरी में सीबीजी संयंत्र निर्माण के प्रारंभिक चरण में हैं। पलक्कड़ में संयंत्र अंतिम चरण में है और वहां शीघ्र संचालन शुरू हो जाएगा।
इस परियोजना के तहत ब्रह्मपुरम सहित कुल 59 कचरा डंप स्थलों में से 24 को साफ किया जा चुका है। कुल 70 एकड़ भूमि को कचरे से मुक्त कर पुनः प्राप्त किया गया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

स्थानीय निकायों के प्रयास
राज्य के स्थानीय निकायों ने स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मंत्री राजेश ने बताया कि राज्य भर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्थानीय निकायों और नगरपालिका स्तर पर व्यापक प्रयास किए गए। कुल 1,591 करोड़ रुपये खर्च कर राज्य ने कचरा मुक्त और साफ-सुथरे शहरों के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया।
केरल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि समन्वित प्रयास, सरकारी नीतियां और नागरिक सहभागिता मिलकर स्वच्छता में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
बेंगलुरु में कचरा निपटान
केरल के प्रयासों के साथ ही बेंगलुरु में भी कचरा निपटान और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 22 फरवरी को घोषणा की कि सरकार पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों के पास इच्छुक किसानों से 100 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि इससे कचरा निपटान की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा।
इसके अलावा, शिवकुमार ने मानसून शुरू होने से पहले 5,000 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह काम मार्च या अप्रैल तक पूरा हो जाना चाहिए। उन्होंने शहर से 40 किलोमीटर के दायरे में जमीन देने वाले किसानों को आमंत्रित किया है ताकि बेंगलुरु की विकास योजनाओं में तेजी लाई जा सके।










