ताइफ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में भाग लेंगी ये भारतीय कंपनियां, जानें पूरा विवरण

ताइफ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में भाग लेंगी ये भारतीय कंपनियां, जानें पूरा विवरण

सऊदी अरब में बनने वाले ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए भारतीय कंपनियां बोली लगाने जा रही हैं। यह BTO मॉडल पर 30 साल के लिए होगा। जीएमआर ग्रुप और अन्य प्रमुख कंपनियों को संचालन और रखरखाव का जिम्मा मिलेगा।

Business: भारत की प्रमुख कंपनियां सऊदी अरब में बनने वाले ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया में शामिल होंगी। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनाओ, चलाओ, सौंपो (BTO) कॉन्ट्रैक्ट पर दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट की अवधि निर्माण काल सहित 30 साल होगी।

भारतीय कंपनियों की पात्रता

भारत का जीएमआर ग्रुप इस 80 करोड़ डॉलर के ताइफ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने की पात्रता चरण को सफलतापूर्वक पार कर चुका है। सऊदी अरब के नेशनल सेंटर फॉर प्राइवेटाइजेशन एंड पीपीपी (NCP) ने इसकी पुष्टि की है।

इस प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने वाली अन्य प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं:

  • बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड-टेमासेक का कॉन्सॉर्टियम
  • तुर्की की TAV एयरपोर्ट्स-मादा इंटरनेशनल होल्डिंग का कॉन्सॉर्टियम
  • आयरलैंड की DAA इंटरनेशनल की अगुवाई वाला कॉन्सॉर्टियम
  • काल्योन इंसात कॉन्सॉर्टियम

इन सभी कंपनियों को ताइफ एयरपोर्ट के संचालन और प्रबंधन के लिए 30 साल का जिम्मेदारी सौंपा जाएगा।

BTO मॉडल और प्रोजेक्ट की विशेषताएं

प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा। BTO मॉडल के अनुसार, चयनित कंपनी एयरपोर्ट का निर्माण करेगी, उसे संचालित करेगी और अवधि समाप्त होने के बाद संबंधित सरकारी प्राधिकरण को सौंप देगी।

ताइफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक एडवांस्ड कमर्शियल पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग से लैस होगा, जो अनुमानित यात्री क्षमता और मांग के अनुसार डिज़ाइन किया जाएगा। इसके अलावा एयरपोर्ट में सपोर्ट बिल्डिंग, यूटिलिटी नेटवर्क, कार पार्किंग और कनेक्टिंग सड़कें भी शामिल होंगी। इन सुविधाओं का उद्देश्य एयरपोर्ट के स्टैंडर्ड ऑपरेशन्स को सुनिश्चित करना होगा।

जीएमआर ग्रुप का अनुभव

जीएमआर ग्रुप भारत में लंबे समय से एयरपोर्ट संचालन में अग्रणी रहा है। यह ग्रुप दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ऑपरेट कर रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट न सिर्फ देश की राजधानी आने-जाने वाले यात्रियों के लिए उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करता है, बल्कि दुनिया के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभा रहा है।

दिल्ली एयरपोर्ट की क्षमता और विस्तार

इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वर्तमान में सालाना क्षमता 10.5 करोड़ यात्रियों की है। 2030 तक इसे 12.5 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक बढ़ाने की योजना है। सालाना 10 करोड़ से अधिक यात्री संभालने वाले एयरपोर्ट्स की सूची में दुनिया में गिने-चुने एयरपोर्ट ही शामिल हैं और दिल्ली एयरपोर्ट भी उनमें शुमार है।

ताइफ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का महत्व

ताइफ एयरपोर्ट का यह प्रोजेक्ट सऊदी अरब के विमानन सेक्टर में बड़े बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नया एयरपोर्ट न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगा बल्कि क्षेत्र के वाणिज्यिक और आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। चयनित कंपनियों को 30 साल की अवधि में एयरपोर्ट का संचालन, रखरखाव और सेवा स्तर सुनिश्चित करना होगा।

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