दिल्ली में TMC सांसदों ने अमित शाह के कार्यालय के बाहर ED की कार्रवाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया गया। सांसदों ने इसे लोकतंत्र और राजनीतिक स्वतंत्रता पर हमला बताया।
Delhi Protest: पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के विरोध में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन सहित कई प्रमुख सांसद मौजूद थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और महुआ मोइत्रा व डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में ले लिया। TMC ने ED की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया।
ED की कार्रवाई के खिलाफ TMC का विरोध
टीएमसी सांसदों ने दिल्ली में प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी केवल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। सांसदों का कहना था कि ED की कार्रवाई पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास है। मौके पर महुआ मोइत्रा, डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख नेता मौजूद थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने TMC सांसदों को वहां से हटाया। महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना था कि प्रदर्शन अवैध तरीके से किया जा रहा था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा। TMC नेताओं ने इसे लोकतंत्र और राजनीतिक स्वतंत्रता पर हमला बताया।
सांसदों का आरोप: ED का कार्य चुनाव प्रभावित करने के लिए

TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि ED ने गलत तरीके से छापेमारी की और यह अलोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस तरह के दबाव से चुनाव नहीं जीत पाएगी। इसी तरह शताब्दी रॉय ने भी आरोप लगाया कि ED और CBI केवल चुनाव के दौरान सक्रिय हो रही हैं, ताकि विपक्षी दलों को दबाया जा सके।
कोयला तस्करी और मनी लांड्रिंग मामले में छापेमारी
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को कोयला तस्करी और मनी लांड्रिंग मामले में पश्चिम बंगाल और दिल्ली के 10 ठिकानों पर छापेमारी की। ED ने दावा किया कि इस दौरान IPAC के प्रमुख प्रतीक जैन के घर से कई दस्तावेज, लैपटॉप और फोन जब्त किए गए। ED का कहना है कि ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण सबूतों को अपने कब्जे में लिया।
ममता बनर्जी का राजनीतिक आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से लक्षित बताया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई केवल उनके और उनके दल के खिलाफ की जा रही है। ममता ने आरोप लगाया कि यह छापेमारी चुनाव में राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य से की गई है। हालांकि ED ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि कार्रवाई किसी राजनीतिक संगठन को निशाना बनाकर नहीं की गई।
TMC का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन जारी
ED की छापेमारी और ममता बनर्जी के आरोपों के बीच TMC सांसदों ने दिल्ली में अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करना जारी रखा। सांसदों ने कहा कि यह लोकतंत्र और राजनीतिक स्वतंत्रता के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी था। प्रदर्शन में शामिल नेताओं ने नारे लगाए और सुरक्षा बलों के कदमों का विरोध किया।












