अब इस देश में सोशल मीडिया पर ताला, बच्चों के लिए नई सीमा तय

अब इस देश में सोशल मीडिया पर ताला, बच्चों के लिए नई सीमा तय

पोलैंड सरकार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है। नए नियमों के तहत प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र की कड़ी जांच करनी होगी, नाबालिगों को एक्सेस देने में विफल रहने पर आर्थिक दंड लागू होगा। यह कदम बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।

Social Media Regulation in Poland: पोलैंड सरकार 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक एक्सेस प्रतिबंधित करने जा रही है। शिक्षा मंत्री Barbara Nowacka ने कहा कि नए कानून के तहत कंपनियों को यूजर्स की उम्र की सख्ती से जांच करनी होगी और उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम बच्चों की मानसिक और बौद्धिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और डिजिटल दुनिया में उनके लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए उठाया गया है। प्रस्ताव 2027 की शुरुआत तक लागू होने की संभावना है।

नए कानून की दिशा में कदम

पोलैंड की सरकार 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया एक्सेस पर प्रतिबंध लगाने जा रही है। शिक्षा मंत्री Barbara Nowacka के अनुसार, नए नियम के तहत सभी प्लेटफॉर्म्स को यूजर्स की उम्र की कड़ी जांच करनी होगी। अगर कोई प्लेटफॉर्म नाबालिगों को एक्सेस देने में विफल रहता है तो उस पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है। अनुमान है कि यह कानून 2027 की शुरुआत तक लागू हो सकता है।

सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इसलिए यह कदम बच्चों की सुरक्षा और डिजिटल दुनिया में उनके मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

यूरोप और दुनिया में बढ़ती चिंता

पोलैंड अकेला ऐसा देश नहीं है जो नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध पर विचार कर रहा है। डेनमार्क, ग्रीस, फ्रांस, स्पेन और ब्रिटेन में भी इसी तरह के नियमों पर चर्चा हो रही है। ब्रिटेन ने ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों पर विचार करना शुरू कर दिया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया पहले ही इस तरह का कानून लागू कर चुका है।

इस कदम से अमेरिकी टेक कंपनियों जैसे Meta और X (पूर्व में ट्विटर) के साथ मतभेद की संभावना भी है। पिछली बार ऑस्ट्रेलिया में लागू नियमों के बाद कंपनियों ने विरोध जताया था।

बच्चों की सुरक्षा और टेक कंपनियों की चुनौती

इस प्रस्ताव का उद्देश्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। टेक कंपनियों को यूजर्स की उम्र की सख्ती से जांच करनी होगी और नाबालिगों के लिए कंटेंट एक्सेस सीमित करना होगा। नीति बनाने में सरकार और टेक कंपनियों के बीच संतुलन बनाना भविष्य की बड़ी चुनौती होगी।

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