उदयपुर में वेडिंग सीजन ने रौनक लौटा दी है। अगले 20 से 25 दिनों में शहर में करीब 500 शादियां होने जा रही हैं, जिनकी तैयारियां जोरों पर हैं। पिछले एक माह से बाजारों में जोरदार खरीदारी जारी है और अनुमान के अनुसार इस सीजन में 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार हो चुका है।
उदयपुर: शहर में वेडिंग सीजन का आगाज़ होते ही बाजारों में फिर से चहल-पहल बढ़ गई है। आने वाले 20–25 दिनों में उदयपुर में लगभग 500 शादियां संपन्न होंगी, जिनमें से कई आयोजनों की शुरुआत हो चुकी है, जबकि बाकी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि वेडिंग सीजन ने मंदी के दौर में भी अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है और आगामी दिनों में खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है
वेन्यू बुकिंग और ज्वेलरी पर सबसे ज्यादा खर्च
उदयपुर में वेडिंग सीजन ने बाजार को खूब रफ्तार दी है, जहां शादियों में वाटिका और रिसोर्ट बुकिंग का खर्च प्रतिदिन 1 से 10 लाख रुपये तक पहुंच रहा है। संचालकों के अनुसार, अधिकांश परिवार एक ही परिसर में सभी सुविधाएं चाहते हैं, जिससे बड़े रिसॉर्ट्स की मांग बढ़ी है। कई जगह दो से तीन दिन की एडवांस बुकिंग पहले ही पूरी हो चुकी है।
ज्वेलरी मार्केट में भी खरीदारी तेज है। सर्राफा एसोसिएशन का कहना है कि हर शादी में औसतन 12 लाख रुपये से अधिक का सोना-चांदी खरीदा जा रहा है। अब तक लगभग 50–60 करोड़ रुपये का सर्राफा कारोबार हो चुका है। वेडिंग सीजन के चलते बाजार में लगातार भीड़ और कारोबारियों में उत्साह देखने को मिल रहा है।
कैटरिंग पर करोड़ों की खपत

उदयपुर में वेडिंग सीजन के दौरान कैटरिंग खर्च तेजी से बढ़ा है। कैटरिंग व्यवसायियों के अनुसार, एक शादी में औसतन 10 लाख रुपये भोजन पर खर्च किए जा रहे हैं। 21 नवंबर से 11 दिसंबर तक चल रहे सावे के दौरान अकेले कैटरिंग पर 10 से 15 करोड़ रुपये का बिजनेस होने का अनुमान है।
महंगे मेन्यू और मल्टी-डे आयोजन के कारण कई परिवार अब प्रीमियम कैटरिंग सेवाएं चुन रहे हैं। शहर में बड़े आयोजनों की बढ़ती संख्या ने इस कारोबार को और रफ्तार दी है।
इवेंट कंपनियों का बढ़ता रोल
शहर में इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। डेकोरेशन से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक, इवेंट कंपनियां शादियों को नए अंदाज़ में प्रस्तुत कर रही हैं। एक शादी में औसतन 15 लाख रुपये तक का खर्च इन सेवाओं पर आता है।
करीब 500 शादियों में से लगभग 100 में इवेंट कंपनियों को हायर किया गया, जिससे करीब 15 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। यह नए जमाने की डेस्टिनेशन-स्टाइल वेडिंग ट्रेंड को और मजबूती देता है।
वेडिंग फैशन में उछाल
वेडिंग परिधान की खरीदारी भी जोर पकड़ चुकी है। शहर के कपड़ा बाजारों में दूल्हा-दुल्हन के आउटफिट्स की बड़ी मांग देखी जा रही है। लहंगों की कीमतें 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक जा रही हैं।
इसके साथ ही ऑर्डर पर बने सोने-चांदी की डंका वेशभूषा की मांग भी बढ़ी है, जो कीमत में काफी महंगे होते हैं। बढ़ती ग्राहकी ने फैशन बाजार को वेडिंग सीजन का सबसे सक्रिय सेक्टर बना दिया है।










