अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने शानदार अंदाज में अपने अभियान की शुरुआत की है। पहले मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 6 विकेट से हराकर यह साफ संदेश दे दिया कि टीम इस टूर्नामेंट में खिताब की मजबूत दावेदार है।
स्पोर्ट्स न्यूज़: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम ने विजयी आगाज करते हुए अपने इरादे साफ कर दिए हैं। पहले ही मुकाबले में भारत ने अमेरिका को 6 विकेट से हराकर टूर्नामेंट में मजबूत दावेदारी पेश की। यह जीत भारतीय गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन और फिर अभिज्ञान कुंडू की मैच जिताऊ नाबाद पारी की बदौलत संभव हो सकी।
गेंदबाजों ने रखी जीत की नींव
मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अमेरिका की टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई। अनुशासित लाइन-लेंथ और लगातार दबाव के कारण अमेरिकी बल्लेबाज टिककर खेलने में नाकाम रहे। पूरी टीम 35.2 ओवर में सिर्फ 107 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत की ओर से हेनिल पटेल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।
इस युवा तेज गेंदबाज ने अपने 7 ओवर के स्पेल में महज 16 रन देकर 5 विकेट झटके। अंडर-19 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर यह प्रदर्शन न केवल प्रभावशाली रहा, बल्कि आने वाले मैचों के लिए भारतीय टीम को आत्मविश्वास भी देता है। हेनिल की घातक गेंदबाजी ने अमेरिका को बड़ा स्कोर खड़ा करने का कोई मौका नहीं दिया।

आसान लक्ष्य, लेकिन दबाव भरी शुरुआत, अभिज्ञान कुंडू बने जीत के नायक
बारिश के चलते भारत को संशोधित लक्ष्य मिला और टीम को 96 रन बनाने थे। लक्ष्य कागजों पर आसान लग रहा था, लेकिन भारतीय पारी की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और वेदांत त्रिवेदी जल्दी आउट हो गए। एक समय भारत ने सिर्फ 25 रन पर 3 विकेट गंवा दिए, जिससे मुकाबला अचानक रोमांचक हो गया।
ऐसे मुश्किल हालात में अभिज्ञान कुंडू ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को सधे हुए अंदाज में आगे बढ़ाया। उन्होंने घबराहट में शॉट खेलने के बजाय हालात को समझते हुए बल्लेबाजी की। विहान मल्होत्रा और कनिष्क चौहान के साथ उन्होंने अहम साझेदारियां कीं, जिससे भारत दोबारा मैच में मजबूत स्थिति में आ गया।अभिज्ञान कुंडू ने नाबाद 42 रन की संयमित और मैच जिताऊ पारी खेली।
खास बात यह रही कि उन्होंने छक्का मारकर भारत को जीत दिलाई, जो दर्शकों के लिए यादगार पल बन गया। कुंडू की यह पारी उनके क्रिकेटिंग करियर की एक और झलक थी, क्योंकि वह जूनियर क्रिकेट में अब तक 125 शतक जड़ चुके हैं। यह आंकड़ा उनकी असाधारण प्रतिभा और निरंतरता को दर्शाता है।












