वेनेजुएला संकट पर भारत की चिंता, जयशंकर ने बातचीत से समाधान पर दिया जोर

वेनेजुएला संकट पर भारत की चिंता, जयशंकर ने बातचीत से समाधान पर दिया जोर

वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत ने चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत स्थिति पर नजर रखे हुए है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करता है।

New Delhi: वेनेजुएला में हुए अचानक घटनाक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। नए साल की शुरुआत के साथ ही अमेरिकी सैन्य कार्रवाई, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और सत्ता से जुड़े बड़े बदलावों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर अब भारत की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत वेनेजुएला की स्थिति को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील करता है।

नए साल के साथ बदले वेनेजुएला के हालात

1 जनवरी के तुरंत बाद वेनेजुएला में हालात तेजी से बदले। अमेरिका की ओर से की गई कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इस घटना ने न केवल वेनेजुएला की राजनीति को झकझोर दिया, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सवाल खड़े कर दिए। रातोंरात हालात बदलने से आम नागरिकों में डर और असमंजस का माहौल बन गया। दुनिया के कई देशों ने इस कदम को गंभीरता से लिया और अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

जयशंकर का पहला बड़ा बयान

इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर का यह पहला बड़ा बयान माना जा रहा है। जयशंकर इस समय लक्जमबर्ग के दौरे पर हैं और वहीं उन्होंने वेनेजुएला के हालात पर भारत की स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि भारत वेनेजुएला में जो कुछ हुआ है, उससे चिंतित है। यह बयान ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर चर्चा कर रहा है।

बातचीत से समाधान पर भारत का जोर

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह के टकराव या हिंसा का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत सभी पक्षों से अपील करता है कि वे बैठकर बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालें। उनके अनुसार, यह रास्ता न केवल राजनीतिक स्थिरता के लिए जरूरी है, बल्कि वेनेजुएला के आम लोगों की सुरक्षा और भविष्य के लिए भी बेहद अहम है।

जयशंकर ने यह भी कहा कि किसी भी देश में अस्थिरता का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ता है। इसलिए बातचीत और शांति ही एकमात्र रास्ता है, जिससे हालात सुधर सकते हैं।

वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा अहम

विदेश मंत्री ने अपने बयान में वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा पर खास जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता हमेशा आम नागरिकों की सुरक्षा और भलाई रही है। जयशंकर के मुताबिक, भारत चाहता है कि वेनेजुएला के लोग सुरक्षित रहें और वहां हालात जल्द सामान्य हों।

भारत और वेनेजुएला के रिश्ते

जयशंकर ने यह भी याद दिलाया कि भारत और वेनेजुएला के बीच वर्षों से अच्छे संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार और कूटनीतिक सहयोग का इतिहास रहा है। ऐसे में भारत नहीं चाहता कि वेनेजुएला में जारी संकट से द्विपक्षीय रिश्तों या वहां की जनता को नुकसान पहुंचे। भारत की यह चिंता केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि मानवीय भी है।

लक्जमबर्ग में दिया गया बयान

यह बयान जयशंकर ने लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद दिया। इस बैठक में भारत और लक्जमबर्ग के बीच सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसी दौरान वेनेजुएला के मुद्दे पर सवाल पूछे जाने पर जयशंकर ने भारत का रुख स्पष्ट किया। इससे साफ होता है कि भारत इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से रख रहा है।

पहले ही चिंता जता चुका था विदेश मंत्रालय

जयशंकर के बयान से पहले भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी वेनेजुएला के हालात को लेकर चिंता जताई थी। विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और हालात को बिगड़ने से रोकने की अपील की थी। मंत्रालय ने कहा था कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है।

विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी थी कि काराकास स्थित भारतीय दूतावास वेनेजुएला में रहने वाले सभी भारतीयों के संपर्क में है। दूतावास हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद देने को तैयार है। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से अपील की थी कि वे फिलहाल वेनेजुएला की यात्रा से बचें और सतर्क रहें।

इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी

भारतीयों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया था। यह नंबर +58-412-9584288 है। मंत्रालय ने कहा था कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। यह कदम दिखाता है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।

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