Vote For Funds विवाद: अजित पवार ने दिया बड़ा बयान, कहा- 'दशकों के आरोपों के बावजूद मुझ पर कोई कर्ज नहीं'

Vote For Funds विवाद: अजित पवार ने दिया बड़ा बयान, कहा- 'दशकों के आरोपों के बावजूद मुझ पर कोई कर्ज नहीं'

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने हालिया विवादित बयान ‘आपके पास वोट है, मेरे पास फंड है’ पर सफाई दी है। सोमवार को परभणी जिले के जिंतूर में 2 दिसंबर को होने वाले नगर परिषद चुनाव के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि उनके ऊपर दशकों से आरोप लगते रहे हैं, लेकिन उनके पास किसी पर कोई कर्ज नहीं है। 

मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपने विवादित 'वोट दो, फंड मिलेगा' बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उन पर भले ही पिछले 35 वर्षों से तरह-तरह के आरोप लगते रहे हों, लेकिन उनका किसी पर कोई कर्ज नहीं है और वे कानून तथा आचार संहिता का सम्मान करते हैं। सोमवार को परभणी जिले के जिंतूर में 2 दिसंबर को होने वाले नगर परिषद चुनाव के लिए आयोजित जनसभा में अजित पवार ने कहा कि मीडिया उनके हर शब्द पर नजर रखता है और किसी भी मुद्दे को तुरंत उनसे जोड़ दिया जाता है। उन्होंने यह भी माना कि काम के दौरान गलतियां हो सकती हैं, लेकिन उनकी नीयत हमेशा विकास की रही है।

अजित पवार का बयान

अजित पवार ने कहा, मीडिया मेरे हर शब्द पर नजर रखता है और किसी भी मुद्दे को तुरंत मेरे साथ जोड़ देता है। काम के दौरान गलतियां हो सकती हैं, लेकिन मेरी नीयत हमेशा विकास और क्षेत्र की भलाई की रही है। दशकों के आरोपों के बावजूद, मैं किसी पर कर्ज नहीं रखता और हमेशा निष्पक्षता से काम करता आया हूँ।

उपमुख्यमंत्री ने जिंतूर नगर परिषद चुनाव के मद्देनजर क्षेत्र के विकास का भरोसा भी दिलाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्यों का असर सभी पर पड़ेगा और जिन लोगों के लिए कोई प्रभाव पड़ता है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।

क्या है विवाद का कारण?

पिछले सप्ताह पुणे जिले की मालेगांव नगर पंचायत के चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार ने कहा था कि यदि जनता उनके उम्मीदवारों को चुनेगी तो फंड की कमी नहीं होगी, लेकिन अगर जनता उन्हें नकार देगी तो वे भी फंड नहीं देंगे। इस बयान के बाद विपक्ष ने उन्हें घेरते हुए माफी की मांग की थी। विपक्ष के इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा, "मीडिया मेरे फंड से जुड़े हर शब्द की निगरानी कर रहा है। कोई भी बात होती है तो तुरंत इसे मेरे साथ जोड़ा जाता है। मैंने हमेशा आचार संहिता का सम्मान किया है। गलती हो सकती है, लेकिन दशकों से आरोपों के बावजूद मैं हमेशा निष्पक्ष रहा हूँ।"

अजित पवार ने चुनाव आयोग से भी निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गैर-सरकारी संगठन मतदाताओं के घर-घर जाकर उनके परिवार और कामकाज की जानकारी इकट्ठा कर रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग इस पर ध्यान नहीं दे रहा। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और सभी राजनीतिक दलों के लिए नियम समान होने चाहिए।

 

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