West Bengal Violence: SIR विवाद ने लिया हिंसक रूप, नॉर्थ दिनाजपुर में BDO दफ्तर जलाया, 10 लोग गिरफ्तार

West Bengal Violence: SIR विवाद ने लिया हिंसक रूप, नॉर्थ दिनाजपुर में BDO दफ्तर जलाया, 10 लोग गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ दिनाजपुर में SIR के विरोध के दौरान हिंसा भड़क गई। चाकुलिया में BDO दफ्तर में तोड़फोड़ और आगजनी से 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस ने FIR दर्ज कर 10 लोगों को हिरासत में लिया।

West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चल रहा विरोध अब हिंसक रूप ले चुका है। राज्य के नॉर्थ दिनाजपुर जिले के चाकुलिया इलाके में गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान भारी बवाल देखने को मिला। गुस्साई भीड़ ने Block Development Officer यानी BDO के दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और बाद में आग लगा दी। इस घटना में करीब 20 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति के नुकसान की पुष्टि चुनाव आयोग की ओर से की गई है।

चाकुलिया में कैसे भड़की हिंसा

जानकारी के मुताबिक चाकुलिया में SIR से जुड़ी सत्यापन सुनवाई को लेकर लोग पहले से नाराज थे। गुरुवार को यह नाराजगी अचानक उग्र हो गई। बड़ी संख्या में लोग BDO दफ्तर के बाहर इकट्ठा हुए और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया। भीड़ ने पहले दफ्तर में घुसकर तोड़फोड़ की और फिर आगजनी की घटना को अंजाम दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

BDO ऑफिस में जमकर तोड़फोड़

उपद्रवियों ने BDO दफ्तर के अंदर मौजूद सरकारी संपत्ति को निशाना बनाया। कंप्यूटर सिस्टम तोड़ दिए गए। जरूरी फाइलों और दस्तावेजों में आग लगा दी गई। दफ्तर में रखा फर्नीचर पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। खिड़कियां और दरवाजे तोड़ दिए गए। इसके बाद दफ्तर का सामान बाहर निकालकर आग के हवाले कर दिया गया। सरकारी कामकाज से जुड़े कई अहम रिकॉर्ड भी इस आगजनी में नष्ट हो गए।

फायर ब्रिगेड को रोकने की कोशिश

आगजनी के दौरान हालात और गंभीर हो गए जब उपद्रवियों ने फायर फाइटर्स को मौके तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की। दफ्तर की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया। सड़क पर टायर रखकर उनमें आग लगा दी गई ताकि दमकल की गाड़ियां अंदर न आ सकें। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था।

पुलिस पर पथराव, स्टेशन इंचार्ज घायल

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को काबू में करने की कोशिश की। इसी दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में चाकुलिया थाना के स्टेशन इंचार्ज घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। पूरे इलाके में भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।

चुनाव आयोग ने क्या कहा

इस घटना पर पश्चिम बंगाल के Chief Election Officer यानी CEO ने आधिकारिक बयान जारी किया है। CEO ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि गोलपोखर-2 के BDO और AERO सुजॉय धर ने चाकुलिया पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि उपद्रवियों की भीड़ ने BDO ऑफिस में तोड़फोड़ और आगजनी की। इससे करीब 20 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ और सरकारी अधिकारी भी घायल हुए हैं।

CEO के मुताबिक चाकुलिया पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कर ली गई है और अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव और DGP ने SIR सुनवाई स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का आश्वासन दिया है।

SIR को लेकर लोगों की नाराजगी

हिंसा के पीछे लोगों की नाराजगी का मुख्य कारण मतदाता सूची का Special Intensive Revision बताया जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि सत्यापन सुनवाई के लिए उन्हें बार-बार नोटिस भेजे जा रहे हैं। बार-बार दफ्तर बुलाकर परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया से आम लोगों को दिक्कत हो रही है और इसी वजह से गुस्सा फूटा।

पुलिस एक्शन में, FIR दर्ज

हिंसा के बाद पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। चाकुलिया थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। शुरुआती जांच के आधार पर 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

चाकुलिया में हुई हिंसा के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी नेता सुकांत मजूमदार ने इस मामले को लेकर राज्य सरकार और सत्तारूढ़ TMC पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में SIR को लेकर विरोध हो रहा है, वे मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। उनके मुताबिक TMC विधायक लोगों को भड़काकर डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहे हैं। सुकांत मजूमदार ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है ताकि काम सही तरीके से न हो सके।

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

हिंसा के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का दावा है कि अब स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाह या नई हिंसा को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

Leave a comment