योगी सरकार ने मुलायम सरकार की Township Policy को दी मंजूरी, 28 Projects के Completion का रास्ता साफ

योगी सरकार ने मुलायम सरकार की Township Policy को दी मंजूरी, 28 Projects के Completion का रास्ता साफ

दो दशक पहले तत्कालीन मुलायम सरकार द्वारा लागू की गई इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति के तहत अब तक अधूरी पड़ी 28 परियोजनाओं को पूरा करने का मार्ग साफ हो गया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एक अहम निर्णय लेते हुए मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल की इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति (Integrated Township Policy) को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद राज्य में अधूरी 28 टाउनशिप परियोजनाओं (Township Projects) को पूरा करने का मार्ग साफ हो गया है। इस निर्णय से न केवल राज्य के विकास को गति मिलेगी, बल्कि आवासीय मांग को भी राहत मिलेगी।

यह नीति दो दशक पहले तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा लागू की गई थी। उस समय नीति के तहत 25 से 500 एकड़ भूमि पर टाउनशिप विकसित करने की अनुमति दी गई थी। नीति का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना और सुनियोजित आवासीय विकास करना था।

योगी सरकार की नीति में प्रमुख बदलाव

नई मंजूरी के साथ योगी सरकार ने कई प्रमुख बदलाव किए हैं:

  1. न्यूनतम भूमि सीमा घटाई: पहले न्यूनतम 25 एकड़ भूमि जरूरी थी, अब यह घटाकर 12.50 एकड़ कर दी गई है।
  2. समय सीमा में लचीलापन: अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तीन से पांच साल का समय दिया जाएगा।
    • 25 एकड़ तक परियोजनाओं के लिए 3 साल
    • 25 एकड़ से अधिक भूमि वाले प्रोजेक्ट्स के लिए 5 साल
  3. समय विस्तार शुल्क: विकासकर्ता को हर एकड़ पर 80,000 रुपये के हिसाब से समय विस्तार शुल्क देना होगा।
  4. भू-अधिग्रहण में सुविधा: विकासकर्ता अपनी टाउनशिप के लिए 80 प्रतिशत भूमि खुद जुटाएगा, शेष 20 प्रतिशत भूमि सड़क, STP आदि के लिए सरकार उपलब्ध कराएगी।
  5. 10 प्रतिशत अतिरिक्त भूमि शामिल करने की छूट: आसपास की भूमि को परियोजना में शामिल करने की अनुमति दी गई है।

राज्य में टाउनशिप का इतिहास

मुलायम सरकार के समय कुल 40 टाउनशिप प्रस्ताव आए थे, जिनमें से केवल पांच पूरी हुईं। सात परियोजनाओं को निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि शेष 28 परियोजनाएं वर्षों से अटकी हुई थीं। 2005 में नीति लागू होने के बाद लखनऊ, कानपुर, आगरा, मथुरा-वृंदावन, मुजफ्फरनगर और गाजियाबाद जैसे शहरों में टाउनशिप डेवलपमेंट के प्रस्ताव आए। 

बाद में मायावती और अखिलेश यादव सरकारों के दौरान कुछ खास प्रगति नहीं हुई। 2014 में अखिलेश सरकार ने नीति में संशोधन किया और मुरादाबाद, मेरठ, प्रयागराज आदि शहरों में टाउनशिप विकास के लिए प्रस्तावों की स्वीकृति दी। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में सात निष्क्रिय टाउनशिप परियोजनाओं को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। 

इसके साथ ही 28 अधूरी क्रियाशील परियोजनाओं के विकासकर्ताओं को तमाम सहूलियतें देने का मार्ग प्रशस्त किया गया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि नीति के तहत स्वीकृत DPR (Detailed Project Report) को संशोधित किया जाएगा और परियोजनाओं की अवधि बढ़ाई जाएगी। खन्ना ने कहा कि यह नीति शहरों में आवासीय मांग पूरी करने और सुनियोजित विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

 

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