यूक्रेनी सैनिकों को पुतिन की चेतावनी, कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे न हटे तो रूस करेगा कार्रवाई

यूक्रेनी सैनिकों को पुतिन की चेतावनी, कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे न हटे तो रूस करेगा कार्रवाई

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिकी शांति योजना को रूस-यूक्रेन वार्ता का शुरुआती बिंदु माना। उन्होंने यूक्रेनी सैनिकों को कब्जे वाले इलाकों से हटने की चेतावनी दी, अन्यथा रूस बल का प्रयोग कर उन्हें पीछे हटाएगा।

Russia-Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी प्रस्ताव को वार्ता का प्रारंभिक बिंदु माना जा सकता है। पुतिन ने यूक्रेनी सेना से कहा कि यदि वे अपने कब्जे वाले क्षेत्रों से पीछे हट जाएं तो शत्रुता खत्म हो जाएगी, अन्यथा रूस की बड़ी सेना उन्हें पराजित कर देगी।

पुतिन ने कीर्गिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा के अंत में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इस पर गंभीरता से चर्चा करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि हर शब्द मायने रखता है। पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना को समझौते का मसौदा नहीं बल्कि चर्चा के लिए रखे गए मुद्दों का एक समूह बताया।

यूक्रेनी सैनिकों को चेतावनी

रूसी नेता ने स्पष्ट किया कि अगर यूक्रेनी सैनिक अपने कब्जे वाले इलाकों से नहीं हटते हैं तो रूस बल का प्रयोग करके उन्हें पीछे हटाने को मजबूर करेगा। क्रेमलिन के अधिकारियों ने पिछले सप्ताह ट्रंप द्वारा पेश की गई शांति योजना पर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रूस ने बृहस्पतिवार तड़के यूक्रेन के ओदेसा और निप्रोपेत्रोव्यस्क क्षेत्रों पर हमला किया। इस हमले में तीन लोग घायल हुए और आग लग गई। यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार रूस ने रात भर यूक्रेन पर 142 ड्रोन दागे।

रूसी वायु रक्षा का जवाब

रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस की वायु रक्षा ने विभिन्न रूसी क्षेत्रों और काला सागर के ऊपर रात भर में 118 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। इस बीच, यूक्रेन के उत्तरी सूमी क्षेत्र में एक रूसी ड्रोन हमले में 53 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।

ट्रंप द्वारा समझौते के लिए लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद पुतिन ने यूक्रेन में अपने लक्ष्यों से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया। रूस ने अपने दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव केवल वार्ता के लिए शुरुआती बिंदु हो सकता है, इसे लागू समझौते के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Leave a comment