यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द, शिकायतों के बाद सरकार ने लिया फैसला

यूपी में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द, शिकायतों के बाद सरकार ने लिया फैसला

यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को धांधली और अवैध वसूली के संकेत मिलने के बाद रद्द कर दिया गया है। एसटीएफ जांच में गंभीर अनियमितताओं के सुराग सामने आए, जिसके बाद सरकार ने सख्त फैसला लिया। अब परीक्षा दोबारा पारदर्शी तरीके से कराई जाएगी।

यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा रद्द: उत्तर प्रदेश में 16 और 17 अप्रैल को आयोजित सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को राज्य सरकार ने निरस्त कर दिया है। यह फैसला परीक्षा के बाद सामने आई अनियमितताओं और एसटीएफ जांच में मिली गंभीर शिकायतों के आधार पर लिया गया। जांच में कुछ लोगों द्वारा अभ्यर्थियों से पैसे लेकर अनुचित लाभ दिलाने की कोशिश के संकेत मिले थे। रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचने के बाद परीक्षा रद्द करने का निर्देश दिया गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी।

जांच में क्या सामने आया

परीक्षा के बाद कुछ केंद्रों से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई, जहां से गंभीर सुराग मिले। जांच एजेंसी को जानकारी मिली कि कुछ लोग उम्मीदवारों से पैसे लेकर उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे।

जब यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंची, तो बिना देरी के परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया। सरकार का मानना है कि अगर प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो उसे आगे बढ़ाना योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।

दोबारा होगी यूपी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा

राज्य सरकार ने साफ किया है कि योग्य उम्मीदवारों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी वजह से राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग को निर्देश दिए गए हैं कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा को नए सिरे से आयोजित किया जाए।

नई परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी व्यवस्था और सख्त निगरानी में कराई जाएगी। आयोग को कहा गया है कि सभी तैयारियां पूरी करने के बाद ही नई परीक्षा तिथि घोषित की जाए, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

उम्मीदवारों पर असर और आगे की तैयारी

इस भर्ती परीक्षा के लिए करीब 1.14 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। परीक्षा रद्द होने से कई अभ्यर्थियों को निराशा जरूर हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में छात्रों ने सरकार के फैसले को सही बताया है। उनका कहना है कि निष्पक्ष भर्ती के लिए सख्त कदम जरूरी हैं।

सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि नई डेट्स को लेकर जल्द आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आयोग की वेबसाइट और आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें।

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