Stock Market Update: बाजार में दबाव, सेंसेक्स टूटा; निफ्टी 26100 के नीचे कारोबार

Stock Market Update: बाजार में दबाव, सेंसेक्स टूटा; निफ्टी 26100 के नीचे कारोबार

भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। गिफ्ट निफ्टी गिरा, सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में हैं। वैश्विक संकेत, एक्सपायरी और एफआईआई बिकवाली से निवेशक सतर्क दिख रहे हैं। शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है।

Stock Market Update: गुरुवार 8 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के संकेत मिल रहे हैं। प्री-ओपन ट्रेड के आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों की धारणा फिलहाल सतर्क बनी हुई है। सुबह 6:46 बजे गिफ्ट निफ्टी फ्यूचर्स 42.80 अंक गिरकर 26,192.50 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे साफ संकेत मिलता है कि आज बाजार दबाव में खुल सकता है और शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

आज सेंसेक्स फ्यूचर्स की वीकली एक्सपायरी भी है, ऐसे में डेरिवेटिव सेगमेंट में हलचल बढ़ने की संभावना है। आमतौर पर एक्सपायरी के दिन बाजार में अचानक तेजी या गिरावट देखने को मिलती है, जिससे निवेशकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है।

वैश्विक संकेतों पर बाजार की नजर

आज के कारोबार में वैश्विक संकेत अहम भूमिका निभा सकते हैं। निवेशकों की निगाह अमेरिका और यूरोप से आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है। अमेरिका से प्रारंभिक बेरोजगारी दावों (Initial Jobless Claims) और व्यापार से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे, जो वहां की आर्थिक स्थिति की ताजा तस्वीर पेश करेंगे।

वहीं यूरोप से बेरोजगारी दर और थोक महंगाई यानी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़े सामने आएंगे। ये आंकड़े यह संकेत देंगे कि यूरो जोन में मांग और कीमतों का रुझान किस दिशा में जा रहा है। इन आंकड़ों का असर सीधे तौर पर ग्लोबल मार्केट और फिर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ सकता है।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार

एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजारों में पिछली रात गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई बाजारों की शुरुआत पर भी दिखाई दिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के हालिया बयानों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।

जापान का प्रमुख सूचकांक निक्केई 225 करीब 0.46 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.12 फीसदी ऊपर रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 लगभग 0.21 फीसदी चढ़ा हुआ नजर आया। हालांकि, चीन और अन्य एशियाई बाजारों में सतर्कता का माहौल बना रहा।

शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स लगभग स्थिर रहे। इसका मतलब है कि निवेशक फिलहाल किसी बड़े दांव से बचते हुए आने वाले आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

अमेरिकी बाजारों का हाल

अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ने अपनी तीन दिन की तेजी की लड़ी तोड़ दी। एसएंडपी 500 करीब 0.3 फीसदी और डाउ जोंस 0.6 फीसदी गिरकर बंद हुआ।

हालांकि टेक्नोलॉजी शेयरों के दम पर नैस्डैक कंपोजिट में करीब 0.2 फीसदी की हल्की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी में गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के शेयरों का बड़ा योगदान रहा। अल्फाबेट के शेयरों में 2.4 फीसदी की मजबूती देखने को मिली।

दिलचस्प बात यह रही कि इस उछाल के दौरान अल्फाबेट ने कुछ समय के लिए मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में एप्पल को पीछे छोड़ दिया। यह स्थिति 2019 के बाद पहली बार देखने को मिली, जिसने टेक सेक्टर में निवेशकों का ध्यान खींचा।

आज जारी होंगे कई कंपनियों के तिमाही नतीजे

घरेलू मोर्चे पर आज कॉरपोरेट नतीजों पर भी बाजार की नजर रहेगी। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजे कई कंपनियां आज जारी करेंगी। इनमें एलेकोन इंजीनियरिंग कंपनी, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, ईम्को एलेकोन इंडिया, युरेनस इंफ्रास्ट्रक्चर और टोयम स्पोर्ट्स शामिल हैं।

इन कंपनियों के नतीजे संबंधित सेक्टर में शेयरों की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। खासतौर पर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में नतीजों के आधार पर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

एफआईआई और डीआईआई का रुख

संस्थागत निवेशकों के आंकड़े भी बाजार की दिशा को समझने में मदद करते हैं। 7 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 1,668.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह विदेशी निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,991.95 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। डीआईआई की मजबूत खरीदारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में अहम भूमिका निभाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक घरेलू निवेशक सक्रिय बने रहते हैं, तब तक बाजार में बड़ी कमजोरी की आशंका सीमित रहती है।

प्राइमरी बाजार में क्या है हाल

प्राइमरी मार्केट की बात करें तो आज मेनबोर्ड सेगमेंट में कोई नया आईपीओ निवेश के लिए उपलब्ध नहीं है। हालांकि एसएमई सेगमेंट में गतिविधि बनी हुई है। डिफ्रेल टेक्नोलॉजीज का आईपीओ आज निवेश के लिए खुल रहा है।

इसके अलावा विक्ट्री इलेक्ट्रिक व्हीकल्स इंटरनेशनल और यजुर फाइबर्स के आईपीओ का आज दूसरा दिन है। वहीं गैबियन टेक्नोलॉजीज इंडिया के आईपीओ में निवेश का आज अंतिम मौका है। एसएमई आईपीओ में निवेश करने वाले निवेशकों को जोखिम को ध्यान में रखते हुए फैसला लेने की सलाह दी जाती है।

कच्चे तेल की कीमतों का असर

कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गुरुवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड 1.22 फीसदी गिरकर 59.96 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। वहीं अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड 0.55 फीसदी की बढ़त के साथ 56.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत जैसे आयातक देश की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर पड़ता है। तेल के सस्ते होने से महंगाई पर दबाव कम होता है, जो बाजार के लिए सकारात्मक माना जाता है।

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