अमेरिकी नियंत्रण से वेनेजुएला के तेल क्षेत्र में भारत को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। OVL की परियोजनाओं में बकाया वसूली और उत्पादन वृद्धि संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार उत्पादन बढ़कर 1 लाख बैरल प्रतिदिन हो सकता है।
World News: वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर अमेरिकी नियंत्रण और उसकी पुनर्गठन की प्रक्रिया से भारत को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ मिल सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस कदम के जरिए भारत को लंबे समय से फंसे लगभग 1 अरब डॉलर के बकाये की वसूली संभव हो सकती है। साथ ही, प्रतिबंधों के कारण प्रभावित वेनेजुएला में भारतीय कंपनियों द्वारा संचालित तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल का उत्पादन भी बढ़ सकता है।
भारत का वेनेजुएला में निवेश
भारत की प्रमुख विदेशी तेल अन्वेषण और उत्पादन कंपनी, ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL), वेनेजुएला के पूर्वी क्षेत्र 'सैन क्रिस्टोबल' में तेल परियोजनाओं का संयुक्त संचालन करती है। इस क्षेत्र में OVL की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। OVL को इस प्रोजेक्ट में 2014 तक देय 53.6 करोड़ डॉलर का डिविडेंड अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा, उसके बाद की अवधि के लिए भी लगभग इतनी ही राशि बकाया है। अमेरिकी प्रतिबंधों और ऑडिट की अनुमति न मिलने के कारण इन दावों का निपटान लटका हुआ है।
प्रतिबंधों का असर और उत्पादन में कमी

अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण आवश्यक तकनीक, उपकरण और सेवाओं तक OVL की पहुंच बाधित रही। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ा और व्यावसायिक रूप से उपयोगी तेल भंडार लगभग फंस गए। वर्तमान में 'सैन क्रिस्टोबल' क्षेत्र में रोजाना केवल 5000 से 10,000 बैरल कच्चा तेल उत्पादन हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका इस क्षेत्र पर नियंत्रण और निगरानी रखे, तो प्रतिबंधों में ढील मिल सकती है और OVL आसानी से उत्पादन बढ़ा सकता है।
उत्पादन बढ़ाने की संभावना
विश्लेषकों के अनुसार, OVL गुजरात और अन्य क्षेत्रों से रिग और आवश्यक उपकरण भेजकर उत्पादन बढ़ा सकती है। अनुमान है कि पर्याप्त रिग और एडवांस उपकरणों का उपयोग करने पर उत्पादन बढ़कर 80,000 से 1,00,000 बैरल प्रतिदिन हो सकता है। OVL के पास आवश्यक रिग पहले से उपलब्ध हैं, जिससे उत्पादन विस्तार का मार्ग खुल सकता है।
वेनेजुएला से निर्यात बहाल होने की संभावना
अमेरिकी नियंत्रण का एक और फायदा यह हो सकता है कि वैश्विक तेल बाजार में वेनेजुएला से होने वाला निर्यात जल्द ही बहाल हो। इससे भारतीय रिफाइनरियों तक वेनेजुएला का कच्चा तेल फिर से पहुंच सकता है। OVL ने पहले भी अमेरिकी वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) से विशेष लाइसेंस की मांग की थी, जैसा कि शेवरॉन को प्रदान किया गया था।











