अमित शाह ने DMK सरकार पर लगाए पांच गंभीर आरोप, स्टालिन पर साधा निशाना

अमित शाह ने DMK सरकार पर लगाए पांच गंभीर आरोप, स्टालिन पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने DMK सरकार और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर पांच गंभीर आरोप लगाए। इनमें भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति, हिंदू विरोध, प्रदर्शनकारियों पर दमन और केंद्रीय निधियों को गुमराह करने का मामला शामिल है।

New Delhi: भाजपा नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) सरकार और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर पांच बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस सरकार को भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति, हिंदू विरोध, दमन और केंद्रीय निधियों के गुमराह करने का जिम्मेदार बताया। भाजपा नेता एएनएस प्रसाद के अनुसार, अमित शाह ने कहा कि इन आरोपों के लिए DMK सरकार जवाबदेह होनी चाहिए।

भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप

अमित शाह ने DMK सरकार को देश की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में किसी भी काम के लिए 20 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। उन्होंने TASMAC के राजस्व और राज्य के ऋणों पर निर्भर रहने की बात करते हुए सवाल किया कि क्या यह जनहितैषी राजनीति है। शाह ने मुख्यमंत्री स्टालिन और उनके मंत्रियों पर बड़े घोटालों में संलिप्त होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मंत्री रिश्वत लेते हैं, सरकारी नौकरियों में धांधली करते हैं और मनी लॉन्ड्रिंग, कोयला घोटाले और 6,000 करोड़ रुपये के घोटालों में पकड़े गए हैं।

वंशवादी राजनीति और मुख्यमंत्री पद का लक्ष्य

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री स्टालिन पर व्यक्तिगत और परिवारवादी राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्टालिन का एकमात्र उद्देश्य अपने बेटे उदयनिधि को मुख्यमंत्री बनाना है। शाह ने इसे वंशवादी राजनीति करार देते हुए सवाल किया कि जब राज्य की सत्ता और संसाधनों का इस्तेमाल परिवार के लिए किया जा रहा है, तो तमिलनाडु का विकास कैसे संभव है।

दमन और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई

अमित शाह ने DMK सरकार पर प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के दमन का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सफाईकर्मी, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, डॉक्टर और किसान विरोध करने पर गिरफ्तार किए जाते हैं। उन्हें जेल भेजा जाता है और उन पर हिंसा की जाती है। शाह ने इसे फासीवादी शैली की राजनीति करार दिया और कहा कि सरकार अपनी दबंग शैली के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रही है।

हिंदू विरोध और धार्मिक दबाव

अमित शाह ने DMK पर हिंदू विरोध और धार्मिक स्वतंत्रता पर पाबंदी लगाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार नियमित रूप से हिंदू धर्म और सनातन धर्म का अपमान कर रही है। रैली में उन्होंने बताया कि हिंदू जुलूस और मूर्ति विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। शाह ने सवाल किया कि क्या सरकार अल्पसंख्यक वोट बैंक की राजनीति के नाम पर हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं को कमजोर करने के लिए अपने दमनकारी कार्य जारी रख सकती है, जिससे सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ रहा है।

केंद्रीय फंड के बारे में जनता को गुमराह करना

अमित शाह ने DMK पर जनता को केंद्रीय निधियों के बारे में गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2012 तक जब DMK केंद्र सरकार का हिस्सा थी, तमिलनाडु को केवल 1.53 लाख करोड़ रुपये मिले थे। जबकि मोदी सरकार ने 2014 से 2024 तक राज्य के विकास के लिए 11 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए। शाह ने सवाल किया कि क्या इसे झूठे बयानों के जरिए छिपाया जा सकता है।

DMK सरकार के पांच मुख्य आरोप

अमित शाह ने DMK सरकार और मुख्यमंत्री स्टालिन पर पांच मुख्य आरोप लगाए हैं। पहला, भ्रष्टाचार और बड़े घोटाले। दूसरा, वंशवादी राजनीति और अपने परिवार के लिए सत्ता का इस्तेमाल। तीसरा, हिंदू विरोध और धार्मिक दबाव। चौथा, प्रदर्शनकारियों और आम लोगों पर दमन। और पांचवां, केंद्रीय निधियों के बारे में जनता को गुमराह करना।

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