अमित शाह टिप्पणी केस में राहुल गांधी को बड़ा झटका, अदालत ने किया तलब

अमित शाह टिप्पणी केस में राहुल गांधी को बड़ा झटका, अदालत ने किया तलब

अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की सांसद विधायक अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया है। अदालत ने कांग्रेस नेता को 19 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया।

New Delhi: उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से एक बार फिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़ा मानहानि मामला सुर्खियों में आ गया है। सुल्तानपुर की सांसद विधायक अदालत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर की गई टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी को तलब किया है। अदालत ने राहुल गांधी को 19 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला वर्ष 2018 से चल रहा है और अब एक अहम मोड़ पर पहुंच चुका है।

क्या है पूरा मामला

यह पूरा विवाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। अगस्त 2018 में राहुल गांधी ने चुनावी सभा के दौरान तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी बयान को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

विजय मिश्रा ने अक्टूबर 2018 में अदालत में याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से न केवल अमित शाह की छवि को नुकसान पहुंचा है बल्कि इससे भाजपा कार्यकर्ताओं की भावनाएं भी आहत हुई हैं। इसी शिकायत पर अदालत ने संज्ञान लिया और मामला दर्ज हुआ।

सुल्तानपुर अदालत का ताजा आदेश

सुल्तानपुर की सांसद विधायक अदालत में मंगलवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई करीब 40 मिनट तक चली। इसके बाद अदालत ने राहुल गांधी को तलब करने का आदेश दिया। अदालत ने साफ कहा है कि राहुल गांधी को 19 जनवरी को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखना होगा। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब गवाहों की जिरह की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अदालत अब इस मामले में अगली कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है।

गवाहों की जिरह पूरी

इस मामले में वादी पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाह राम चंद्र दुबे से जिरह पूरी हो चुकी है। राहुल गांधी की ओर से उनके वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने राम चंद्र दुबे से सवाल पूछे और उनकी जिरह संपन्न कराई।

वादी पक्ष के वकील संतोष कुमार पांडे ने अदालत को बताया कि गवाह का बयान पूरी तरह दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वादी पक्ष की ओर से गवाही की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 19 जनवरी तय की है।

आठ साल पुराना मानहानि केस

यह मानहानि मामला लगभग आठ साल पुराना हो चुका है। वर्ष 2018 में दर्ज इस केस की सुनवाई पिछले कई वर्षों से चल रही है। बीच में कई बार तारीखें पड़ीं और प्रक्रिया आगे बढ़ती रही।

इस केस की लंबी अवधि इस बात को दिखाती है कि यह मामला राजनीतिक रूप से कितना संवेदनशील रहा है। राहुल गांधी जैसे बड़े राष्ट्रीय नेता के खिलाफ दर्ज इस केस पर देशभर की निगाहें बनी रही हैं।

पेश न होने पर जारी हुआ था वारंट

इस मामले में एक अहम मोड़ दिसंबर 2023 में आया था। उस समय राहुल गांधी अदालत में पेश नहीं हुए थे। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर दिया था।

वारंट जारी होने के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी सुल्तानपुर की अदालत में पेश हुए और आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें 25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दे दी थी।

राहुल गांधी का बयान दर्ज

अदालत में पेश होने के बाद 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने इस मामले में अपना बयान दर्ज कराया था। अपने बयान में उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था। राहुल गांधी ने अदालत से कहा था कि यह पूरा मामला राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। राहुल गांधी के बयान के बाद अदालत ने वादी पक्ष को अपने सबूत पेश करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से लगातार गवाहों को अदालत में बुलाया जा रहा था।

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