Arijit Singh के रिटायरमेंट के बाद Shreya Ghoshal ने किया चौंकाने वाला खुलासा: ‘2013 से पहले सिंगर्स के साथ…’

Arijit Singh के रिटायरमेंट के बाद Shreya Ghoshal ने किया चौंकाने वाला खुलासा: ‘2013 से पहले सिंगर्स के साथ…’

Arijit Singh, Shreya Ghoshal, Sonu Nigam और Shaan इंडस्ट्री के कुछ ऐसे सिंगर्स हैं जिन्हें शायद ही कोई नापसंद करता होगा। Arijit Singh ने कई फिल्मों में अपनी रुहानी आवाज दी और करोड़ों लोगों के दिलों पर राज किया।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड की मशहूर सिंगर Shreya Ghoshal ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री के उस दौर के बारे में खुलासा किया, जब सिंगर्स के साथ कई तरह के अनुचित व्यवहार होता था। उन्होंने बताया कि कैसे 2013 से पहले सिंगर्स को अपने गानों पर अधिकार नहीं मिलता था, क्रेडिट नहीं दिया जाता था और पैसे की भी उचित व्यवस्था नहीं होती थी। 

यह खुलासा Arijit Singh के हालिया रिटायरमेंट के बाद और भी महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि उनके फैंस अभी भी उनके अचानक फील्ड से हटने की वजह को समझने की कोशिश कर रहे हैं।

श्रेया घोषाल ने किया चौंकाने वाला खुलासा

पॉपुलर गानों जैसे मनवा लागे, तेरी मेरी, बरसो रे, साथिया, मेरे ढोलना, हसी, और चिकनी चमेली जैसी हिट्स की आवाज देने वाली Shreya Ghoshal हाल ही में एक पॉडकास्ट में नजर आईं। पॉडकास्ट में उनसे पूछा गया कि क्यों उन्होंने 2013 को अपने करियर का “डाउनफॉल” वाला साल बताया था। श्रेया ने जवाब देते हुए कहा, “हां, उस समय हमने रॉयल्टी पर स्टैंड लिया, जिसके कारण इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई। हमारी इंडस्ट्री में कोई रूलबुक नहीं है। 

उस समय सिंगर्स को एग्रीमेंट्स नहीं दिए जाते थे, पैसे नहीं मिलते थे और कई बार गानों में सिंगर्स का क्रेडिट भी नहीं होता था। उस गाने पर हमारा कोई हक नहीं होता था। उन्होंने आगे कहा, “बहुत परेशान किया गया है परफॉर्मर्स, सिंगर्स और कंपोजर्स को। लेकिन अब चेंज आ रहा है और मैं उन आर्टिस्ट की कदर करती हूं जिन्होंने बिना फिल्म सपोर्ट के अपना रास्ता खुद बनाया। भले ही उनकी आवाज अच्छी हो या बुरी, मेरी नजरों में उनका रिस्पेक्ट है।

2013 के बाद इंडस्ट्री में बदलाव

श्रेया ने बताया कि 2013 वह साल था जब सिंगर्स ने अपनी आवाज़ और अधिकार के लिए स्टैंड लिया। उन्होंने कहा, “इस समय पता चला कि कौन किस मिट्टी का बना है। हमने स्टैंड लिया और उसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हुआ। हालांकि इसका असर कुछ अच्छे सिंगर्स और म्यूजिशियंस पर पड़ा और उनका करियर प्रभावित हुआ, वहीं नए लोग इंडस्ट्री में आने लगे। आशिकी जैसी फिल्मों ने तब इंडस्ट्री में आशा जगाई कि कुछ लोग सच में सिंगर्स का सपोर्ट कर रहे हैं।”

Shreya Ghoshal का करियर और संघर्ष

श्रेया घोषाल ने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत संजय लीला भंसाली की फिल्म Devdas से की थी। सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने बैरि पिया गाया और इसके लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड भी मिला। इसके बाद उन्होंने सिलसिला, ये चाहत, डोला रे डोला सहित कई फिल्मों में अपनी आवाज दी और आज करोड़ों लोग उनके गानों के दीवाने हैं।

श्रेया ने यह भी बताया कि इंडस्ट्री में संघर्ष और मुश्किलें उनके करियर का हिस्सा रही हैं। उन्होंने कहा, “2013 से पहले सिंगर्स को गानों पर अधिकार नहीं था। हमें खुद के लिए लड़ना पड़ा। लेकिन इसी लड़ाई ने हमें और सिंगर्स को पहचान दिलाई और इंडस्ट्री में बदलाव लाने में मदद की। हाल ही में Arijit Singh के प्लेबैक सिंगिंग से रिटायरमेंट ने इंडस्ट्री और फैंस में एक खालीपन पैदा किया है। Shreya Ghoshal ने भी इस मौके पर अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इंडस्ट्री में कई सिंगर्स को संघर्ष करना पड़ा है और इसके बावजूद उन्होंने अपना रास्ता बनाया।

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