पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बिहार और पश्चिम बंगाल के जिलों को मिलाकर नया Union Territory बनाने का दावा किया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसे पूरी तरह खारिज करते हुए इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी बताया।
New Delhi: बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की खबरों ने राज्य और केंद्र में राजनीतिक हलचल पैदा कर दी। इस दावे को पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पेश किया। यादव ने कहा कि भाजपा इस रणनीति के तहत नीतीश कुमार को हटाकर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त कर सकती है। इसके साथ ही सीमांचल क्षेत्र और पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बहुल जिलों मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर को मिलाकर नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना है।
नित्यानंद राय ने खबरों को किया खारिज
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने शनिवार को इस दावे को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि बिहार और पश्चिम बंगाल के जिलों को अलग करके कोई नया केंद्र शासित प्रदेश बनाने की योजना केंद्र सरकार की नहीं है। राय ने कहा कि ऐसी खबरों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए और पप्पू यादव के ट्वीट को केवल राजनीतिक बयानबाजी माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह दावे पूरी तरह गलत हैं और इसमें कोई तथ्य नहीं है।

पप्पू यादव का दावा
राजद समर्थक सांसद पप्पू यादव ने अपने ट्वीट में लिखा कि भाजपा केंद्र शासित प्रदेश बनाने का खेल खेल रही है। उनके अनुसार, नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने और नए राज्यपाल लाने के पीछे यही योजना है। यादव का कहना था कि इससे राज्य की सत्ता पर नियंत्रण और सीमांचल क्षेत्र के जिलों का प्रशासनिक ढांचा बदलने का लक्ष्य है। उन्होंने अपने पोस्ट में भाजपा की इस रणनीति को गंभीर चुनौती बताया और इसे बिहार और पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा मुद्दा कहा।
नीतीश कुमार का राज्यसभा में कदम
इस सप्ताह की शुरुआत में बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा एवं जनता दल (यूनाइटेड) के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। नीतीश कुमार ने कहा कि उनके राजनीतिक करियर की शुरुआत से ही यह इच्छा थी कि वे दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—और बिहार विधानसभा के दोनों सदनों में सदस्य बनें। उन्होंने कहा कि जनता और पार्टी नेताओं के विश्वास और समर्थन ने उन्हें बिहार के विकास और सेवा के नए आयाम तक पहुँचने में मदद की है।











