अवैध धान तस्करी पर प्रशासन का कड़ा संदेश, 1.46 करोड़ की 845 क्विंटल धान जब्त

अवैध धान तस्करी पर प्रशासन का कड़ा संदेश, 1.46 करोड़ की 845 क्विंटल धान जब्त

राजनांदगांव में पुलिस ने 10 वाहनों से 845 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है, जिसकी कीमत 1.46 करोड़ है। 10 लोगों पर केस दर्ज हुआ है और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

Chhattisgarh: राजनांदगांव जिले में अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर जितेंद्र यादव के निर्देश पर अंतर्राज्यीय सीमाओं पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। इसी के तहत गुरुवार रात रानीतालाव-पाटेकोहरा मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर पुलिस ने सघन नाकेबंदी की। 

पुलिस ने महाराष्ट्र की ओर से आ रहे छह बड़े ट्रकों को रोका। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि ट्रकों में भारी मात्रा में धान लदा हुआ था, लेकिन ड्राइवरों के पास धान का कोई वैध दस्तावेज नहीं था। यह देखकर पुलिस ने सभी ट्रकों को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

10 वाहनों से 845 क्विंटल धान जब्त

सिर्फ बड़े ट्रक ही नहीं, बल्कि अन्य चेकपोस्टों पर चार पिकअप वाहनों को भी अवैध धान के साथ पकड़ा गया। इन सभी 10 वाहनों में कुल 2170 कट्टा यानी लगभग 845 क्विंटल धान लदी हुई थी। जब्त किए गए धान और वाहनों की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 46 लाख 90 हजार 800 रुपए आंकी गई है। पुलिस ने मौके पर ही वाहनों को कब्जे में लिया और धान को सुरक्षित कर लिया। 

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सिर्फ एक सतर्कता नहीं, बल्कि अवैध धान तस्करी के खिलाफ एक मजबूत संदेश भी है। इससे पहले कई बार ऐसे अवैध परिवहन की शिकायतें मिली थीं, लेकिन इस बार प्रशासन ने ठोस कदम उठाकर तस्करों को रोक दिया।

महाराष्ट्र और डोंगरगढ़ से जुड़े आरोपी

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध धान तस्करी का मामला किसी एक या दो लोगों का नहीं बल्कि संगठित गिरोह का है। इसमें महाराष्ट्र के आमगांव निवासी ओम गुप्ता, नितिन अग्रवाल, पंकज अग्रवाल और डोंगरगढ़ के विष्णु अग्रवाल मुख्य आरोपियों के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा अन्य छह लोग भी इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस ने एक बिचौलिए को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी आरोपी तलाश में हैं। 

प्रारंभिक पूछताछ में यह पता चला है कि धान अवैध तरीके से महाराष्ट्र से लाकर छत्तीसगढ़ में खपाया जाना था। पुलिस ने कहा कि आरोपियों से विस्तृत पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क को उजागर करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी

कलेक्टर जितेंद्र यादव ने कहा कि धान खरीदी के अंतिम दिनों में बिचौलियों और तस्करों की सक्रियता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी कीमत पर अवैध धान को खपाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने तस्करों को स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

इसके साथ ही प्रशासन ने भविष्य में सीमावर्ती इलाकों में लगातार निगरानी बढ़ाने और अंतरराज्यीय वाहनों की सघन जांच करने का निर्देश दिया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम लगातार नाकों और चेकपोस्ट पर मौजूद रहेगी ताकि अवैध धान तस्करी पूरी तरह रोकी जा सके।

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