बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। VHP ने अंतरिम सरकार और Muhammad Yunus पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए मानवाधिकार संकट की चेतावनी दी है।
New Delhi: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) का गुस्सा खुलकर सामने आया है। संगठन ने इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता Muhammad Yunus पर सीधे सवाल खड़े किए हैं। VHP का आरोप है कि देश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं और सरकार इस पर मूक दर्शक बनी हुई है।
पिछले 18 दिनों में छह हत्याओं का दावा
VHP के प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया है कि पिछले 18 दिनों में बांग्लादेश में छह हिंदुओं की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि यह कोई अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि एक खतरनाक पैटर्न बन चुका है। उनके मुताबिक हिंदुओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल नजर आ रही है।
विनोद बंसल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। उन्होंने इसे गंभीर मानवाधिकार संकट बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर चुप नहीं रहना चाहिए।
हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
VHP प्रवक्ता ने हाल ही में हुई कई घटनाओं का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि एक जहाज मालिक की हत्या कर दी गई। इसके अलावा एक 40 से 50 वर्ष की महिला, जो अपने घर में बैठी थी, उसके साथ कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया और बाद में उसे जिंदा जला दिया गया।
बंसल ने कहा कि देश में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालात इतने गंभीर हैं कि आम हिंदू खुद को पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहा है।
Muhammad Yunus पर सीधे आरोप

VHP ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख Muhammad Yunus पर सीधा निशाना साधा है। विनोद बंसल ने कहा कि तथाकथित नोबेल शांति पुरस्कार विजेता के नेतृत्व में देश में अशांति का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन घटनाओं पर चुप्पी साधे हुए है और मूक दर्शक बनी हुई है।
VHP का कहना है कि जिस व्यक्ति को शांति के लिए सम्मान मिला हो, उससे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि उसके शासन में इतनी बड़ी संख्या में मानवाधिकार उल्लंघन होंगे।
शरत चक्रवर्ती मणि की हत्या से मचा आक्रोश
VHP की यह प्रतिक्रिया ढाका के पास नरसिंगदी इलाके में हुई एक हत्या के बाद और तेज हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार रात अज्ञात हमलावरों ने 40 वर्षीय हिंदू व्यक्ति शरत चक्रवर्ती मणि पर धारदार हथियारों से हमला किया।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के मुताबिक, यह हमला उस समय हुआ जब मणि पलाश उपजिला के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराने की दुकान चला रहे थे। हमलावर अचानक आए, हमला किया और मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल मणि को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठाया मुद्दा
विनोद बंसल ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उठाया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त और इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को टैग करते हुए सवाल किया कि क्या इस्लाम इस तरह की हत्याओं की अनुमति देता है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि Muhammad Yunus के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार में मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन सामने आ रहे हैं।
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट का हवाला
VHP प्रवक्ता ने मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सालिश केंद्र (ASK) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए गंभीर आंकड़े पेश किए। उनके अनुसार, 2024 से अब तक भीड़ हिंसा में 293 लोगों की मौत हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि अकेले 2025 में ही भीड़ हिंसा में 197 मौतें, हिरासत में 107 मौतें और 38 गैर-न्यायिक हत्याएं दर्ज की गई हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।












