भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का दावा, 350% टैरिफ की धमकी से टला संघर्ष

भारत-पाक तनाव पर ट्रंप का दावा, 350% टैरिफ की धमकी से टला संघर्ष

डोनल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को 350% टैरिफ की धमकी देकर शांत कराया। भारत ने इसे खंडित करते हुए कहा कि किसी विदेशी मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं थी।

America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को शांत कराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों पर 350 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी थी, ताकि किसी प्रकार का संघर्ष न हो। ट्रंप के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें फोन करके आश्वस्त किया कि भारत युद्ध की स्थिति में नहीं जाएगा। हालांकि, भारत की ओर से कई बार स्पष्ट किया जा चुका है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश की मध्यस्थता नहीं हुई।

ट्रंप ने दावा दोहराया

यह पहली बार नहीं है जब डोनल्ड ट्रंप ने यह दावा किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे झगड़े सुलझाने में कुशल हैं और लंबे समय से ऐसा करते आ रहे हैं। ट्रंप ने बताया कि भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न पड़ोसी आपस में लड़ाई के कगार पर थे, लेकिन उन्होंने दोनों देशों के बीच सुलह कराई। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने लगभग 60 बार इस बात का दावा दोहराया है।

350% टैरिफ की धमकी का इस्तेमाल

ट्रंप ने यूएस-सऊदी इन्वेस्टमेंट फोरम में कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि वे आपस में युद्ध करेंगे तो उन पर 350 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भी मौजूद थे। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने दुनिया के कई संघर्षों को इसी तरह टैरिफ के जरिए रोकने का दावा किया है। उनके अनुसार, विश्व के आठ युद्धों में से पांच को उन्होंने टैरिफ के माध्यम से निपटाया।

भारत ने किया खंडन

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इस दावे को बार-बार खंडित किया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश ने मध्यस्थता नहीं की और कोई विदेशी दबाव युद्ध रोकने के लिए नहीं था। भारत की नीतियों और फैसलों को आंतरिक रणनीति के तहत ही लिया गया।

ट्रंप के दावे की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 10 मई के बाद से लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर यह दावा कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान ने उनके हस्तक्षेप से तुरंत संघर्ष विराम पर सहमति दी। ट्रंप ने इसे अपने कूटनीतिक कौशल और व्यावसायिक दृष्टिकोण का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल युद्ध रोकना और दोनों देशों के बीच तनाव कम करना था।

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