बोलेरो से कुचलकर पत्नी की हत्या, 7 साल बाद CRPF जवान समेत तीन दोषियों को उम्रकैद

बोलेरो से कुचलकर पत्नी की हत्या, 7 साल बाद CRPF जवान समेत तीन दोषियों को उम्रकैद

झुंझुनू में 2018 के बहुचर्चित अनीता देवी हत्याकांड में एडीजे कोर्ट-2 ने बड़ा फैसला सुनाया है। तलाक विवाद के चलते बोलेरो से पत्नी को कुचलकर हत्या करने के मामले में सीआरपीएफ जवान नरेश कुमार सहित तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।

Rajasthan: झुंझुनू जिले में 6 सितंबर 2018 को हुई अनीता देवी की हत्या के मामले में एडीजे कोर्ट-2 ने शुक्रवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पति नरेश कुमार, उसके फुफेरे भाई सिकंदर और दोस्त जितेंद्र उर्फ कालू को उम्रकैद की सजा सुनाई। तलाक विवाद के बीच अनीता कोर्ट पेशी से लौट रही थीं, तभी बिना नंबर की बोलेरो से उन्हें कुचलकर मार दिया गया था। 

शुरुआत में घटना को सड़क दुर्घटना बताया गया, लेकिन परिवार की शिकायत के बाद जांच डीएसपी को सौंपी गई। 33 गवाहों और 67 दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने इसे योजनाबद्ध हत्या माना। जज ने कहा कि पति द्वारा पत्नी की हत्या समाज और रिश्तों दोनों के लिए अमानवीय कृत्य है। सात साल बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।

कैसे रची गई थी मौत की साजिश?

मामला 6 सितंबर 2018 का है, जब अनीता देवी तलाक मामले की पेशी के बाद पैदल ही गाडोदिया की ढाणी लौट रही थीं। इसी दौरान बिना नंबर की बोलेरो कैंपर ने उन्हें तेज रफ्तार से टक्कर मारी। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना को पहले सड़क हादसा मानकर दर्ज किया गया, लेकिन परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इसके बाद जांच डीएसपी को सौंपी गई, जिसमें पूरा मामला सोची-समझी साजिश साबित हुआ।

जांच में कैसे पकड़े गए आरोपी?

जांच अधिकारी ने तकनीकी साक्ष्यों, मौके की स्थिति और चश्मदीदों के आधार पर यह स्पष्ट किया कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। लोक अभियोजक नंदकिशोर शर्मा ने 33 गवाह और 67 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। सबूतों से साबित हुआ कि सीआरपीएफ जवान नरेश कुमार ने पत्नी से बिगड़ते संबंधों और तलाक विवाद के चलते हत्या की योजना बनाई थी।

कोर्ट की कठोर टिप्पणी

फैसला सुनाते हुए जज आशीष कुमार कुमावत ने कहा कि पति द्वारा पत्नी की हत्या कराना एक अमानवीय और सामाजिक रूप से निंदनीय अपराध है। अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि घटना के समय दंपती के दो छोटे बच्चे थे, जिन पर इस कृत्य का गंभीर सामाजिक और मानसिक प्रभाव पड़ा।

7 साल बाद मिला न्याय

अनीता देवी की नरेश कुमार से शादी 2006 में हुई थी। विवाह के बाद से ही संबंध तनावपूर्ण रहे और मामला तलाक तक पहुँच गया। परिवार सात वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा था। अदालत ने तीनों दोषियों को उम्रकैद और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों को अब जीवन भर जेल में रहना होगा।

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