चीन के ह्यूमनॉइड रोबोट A2 ने 106 किलोमीटर की इंटर-सिटी वॉक पूरी कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। रोबोट ने सुज़ौ से शंघाई तक लगातार चलते हुए ट्रैफिक, भीड़भाड़ और रात के समय जैसी चुनौतियों का सामना किया। हॉट-स्वैप बैटरी और एडवांस सेंसर तकनीक ने इसकी स्थिरता और endurance बढ़ाई।
Humanoid Robot World Record: चीन के टेक कंपनी Agibot का A2 रोबोट 10 नवंबर को सुज़ौ से शंघाई तक 106 किलोमीटर की इंटर-सिटी वॉक पूरी कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। तीन दिनों में लगातार चली यह यात्रा रोबोट की तकनीकी क्षमता, स्थिरता और endurance की परीक्षा थी। A2 ने एडवांस GPS, LiDAR और हॉट-स्वैप बैटरी सिस्टम की मदद से ट्रैफिक, भीड़भाड़ और रात के समय की चुनौतियों का सामना किया, जिससे यह रिकॉर्ड इंसानों के लिए भी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
A2 ह्यूमनॉइड रोबोट ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड
चीन की टेक कंपनी Agibot के ह्यूमनॉइड रोबोट A2 ने 106 किलोमीटर की इंटर-सिटी वॉक बिना रुके पूरी कर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया। यह सफर सुज़ौ से शुरू होकर शंघाई के बंड इलाके में खत्म हुआ। पूरी दूरी को तीन दिनों में लगातार चलता हुआ यह रोबोट तय करता रहा, जो इंसानों के लिए भी चुनौतीपूर्ण माना जाता है। कंपनी का कहना है कि इस उपलब्धि ने ह्यूमनॉइड रोबोट्स की वास्तविक दुनिया में काम करने की संभावनाओं को मजबूत किया है।
यात्रा के दौरान रोबोट ने ट्रैफिक, भीड़भाड़, संकरे रास्ते और रात के समय जैसी स्थितियों में स्थिरता और संतुलन बनाए रखा। इस पूरे मिशन को आधिकारिक तौर पर 106.286 किलोमीटर मापा गया। Agibot के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट वांग चुआंग का कहना है कि यह दूरी मशीन की सहनशक्ति और तकनीकी क्षमता की बड़ी परीक्षा थी, जिसे A2 ने सफलतापूर्वक पूरा किया।

तकनीक ने दिया रोबोट को लगातार ऊर्जा
A2 की सफलता में इसकी हॉट-स्वैप बैटरी सिस्टम की सबसे बड़ी भूमिका रही। यह सिस्टम बैटरी को बिना पावर ऑफ किए बदलने की सुविधा देता है, जिससे रोबोट बिना रुके आगे बढ़ता रहा। कंपनी का कहना है कि यह तकनीक भविष्य के रोबोट्स को लंबे, सतत और वास्तविक कार्य वातावरण में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करेगी।
रोबोट में डुअल GPS मॉड्यूल, LiDAR और इन्फ्रारेड डेप्थ सेंसर लगाए गए हैं। इनकी वजह से उसने ट्रैफिक लाइट्स, पुलों और भीड़भाड़ वाले रास्तों में खुद को आसानी से संतुलित रखा। रात के समय भी इसकी परसेप्शन क्षमता अच्छी तरह काम करती रही, जो इस मॉडल की मजबूती को दर्शाती है।
मजेदार रिएक्शन ने जीता ध्यान
शंघाई पहुंचने के बाद जब चीनी एजेंसी ने A2 से सवाल किए तो रोबोट ने इस सफर को अपने मशीन लाइफ का यादगार अनुभव बताया। उसने हल्के मजाक में कहा कि उसे शायद नए जूतों की जरूरत पड़ेगी। इस प्रतिक्रिया ने सोशल प्लेटफॉर्म्स पर भी लोगों का ध्यान खींचा।
चीन पहले भी ऐसे प्रयोग कर चुका है। अप्रैल में Tien Kung Ultra नाम के ह्यूमनॉइड रोबोट ने 21 किलोमीटर की हाफ-मैराथन पूरी की थी। इस बार A2 ने उससे कहीं ज्यादा कठिन दूरी तय कर चीनी रोबोटिक्स की तकनीकी बढ़त को फिर से साबित किया है।











