योगी सरकार की फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना के तहत उत्तर प्रदेश के ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और टेक्निकल कोर्स के छात्रों को डिजिटल पढ़ाई के लिए मुफ्त डिवाइस दिए जा रहे हैं। Mission DigiShakti के जरिए अब तक करीब एक करोड़ छात्रों को ऑनलाइन शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिली है।
Free Tablet Smartphone Yojana UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य के ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त टैबलेट या स्मार्टफोन दिए जा रहे हैं। यह योजना उत्तर प्रदेश में लागू है और कॉलेज व यूनिवर्सिटी के माध्यम से संचालित होती है। इसका मकसद ऑनलाइन क्लास, ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाना है, ताकि छात्र तकनीक के साथ अपनी पढ़ाई और कौशल को बेहतर कर सकें।
क्या है फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना
योगी सरकार की यह पहल स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना (Mission DigiShakti) के तहत लागू की गई है। इसके जरिए ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और टेक्निकल कोर्स में पढ़ने वाले छात्रों को फ्री मोबाइल या टैबलेट दिया जाता है।
सरकार के अनुसार, इस योजना से अब तक करीब एक करोड़ छात्रों को लाभ मिल चुका है। डिजिटल डिवाइस मिलने से ऑनलाइन क्लास, ई-लर्निंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में छात्रों को बड़ी मदद मिल रही है।

योजना की पात्रता क्या है
इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्र का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। साथ ही वह किसी मान्यता प्राप्त सरकारी या प्राइवेट कॉलेज में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा या प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रहा हो।
इसके अलावा, छात्र के परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। पात्रता शर्तें पूरी होने पर ही फ्री टैबलेट और स्मार्टफोन योजना का लाभ दिया जाता है।
आवेदन और स्टेटस कैसे चेक करें
छात्रों को योजना के लिए आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है। कॉलेज या यूनिवर्सिटी की ओर से छात्रों का डाटा डिजी शक्ति पोर्टल पर अपलोड किया जाता है, जिसके बाद e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
e-KYC पूरी होने के बाद छात्र पोर्टल के Student Corner में जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर कॉलेज या यूनिवर्सिटी की ओर से डिवाइस वितरण की तारीख और स्थान की जानकारी दी जाती है।












