चूरू में सरसों के खेत से निकला लेपर्ड, दो युवकों पर अचानक हमला

चूरू में सरसों के खेत से निकला लेपर्ड, दो युवकों पर अचानक हमला

चूरू के धोधलिया गांव में सरसों के खेत में छिपा लेपर्ड दो युवकों पर हमला कर दिया। एक युवक गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। घटना से इलाके में डर का माहौल है।

Rajasthan: चूरू जिले के रतननगर थाना क्षेत्र के धोधलिया गांव में शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे एक भयावह घटना हुई। गांव के दो युवक, 27 वर्षीय राकेश और 25 वर्षीय गोविंदराम, अपने खेत में पानी की लाइन बदलने गए थे। वे सुबह 4 बजे खेत पहुंचे थे और सरसों की फसल के बीच काम कर रहे थे। तभी अचानक फसल के बीच छिपा एक लेपर्ड उनके ऊपर टूट पड़ा। हमला इतना अचानक था कि दोनों युवकों को कोई बचाव करने का मौका नहीं मिला।
 
हमला और ग्रामीणों की मदद

लेपर्ड ने सबसे पहले राकेश और गोविंदराम पर हमला किया। हमले में राकेश के सिर में गंभीर चोट आई। दोनों युवकों ने शोर मचाया, जिससे आसपास के खेतों से ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे।

ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए युवकों को लेपर्ड से दूर किया। इसके बाद उन्हें एक निजी वाहन से तुरंत डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने दोनों का उपचार शुरू किया। गांव के लोगों ने बताया कि लेपर्ड के हमले से पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल फैल गया। लोग खेतों में जाने से डरने लगे हैं और ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है।

तेंदुए का खतरा

स्थानीय लोगों ने बताया कि लेपर्ड अक्सर जंगलों से खेतों की ओर आता है। इस क्षेत्र में कई बार तेंदुए दिखाई दे चुके हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने कहा है कि ग्रामीणों को खेतों में जाने से पहले सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सरसों की फसल घनी होने के कारण लेपर्ड आसानी से छिप सकता है और शिकार पर अचानक हमला कर सकता है। इसलिए ग्रामीणों को खेत में काम करते समय समूह में रहना चाहिए और शोर मचाना चाहिए ताकि तेंदुए को डराया जा सके।

घायल युवकों का उपचार 

राकेश को सिर में गंभीर चोट लगी है, जबकि गोविंदराम को हल्की चोटें आई हैं। दोनों का इलाज डीबी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि राकेश की स्थिति अभी गंभीर है और चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

इस हमले से ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोग अब सुबह जल्दी खेतों में जाने से हिचक रहे हैं और बच्चों को भी खेतों में अकेले भेजने से बचा रहे हैं।

प्रशासन और सुरक्षा उपाय

स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाएगी। वन विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि तेंदुए के हमले से बचने के लिए ग्रामीणों को सतर्क रहना चाहिए और अकेले खेत में न जाएं।

ग्रामीणों से अपील की गई है कि अगर तेंदुआ दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। इसके अलावा, खेतों में काम करते समय शोर करना और समूह में रहना सुरक्षित उपाय माना जा रहा है।

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