Closing Bell: मिडिल ईस्ट तनाव के चलते सेंसेक्स में भारी गिरावट, निफ्टी 24,865 पर बंद

Closing Bell: मिडिल ईस्ट तनाव के चलते सेंसेक्स में भारी गिरावट, निफ्टी 24,865 पर बंद

सोमवार को ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर 79,700.65 पर बंद हुआ, निफ्टी 24,865 पर। तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अस्थिरता ने निवेशकों को बेचैनी में डाल दिया।

Stock Market Closing Bell: सोमवार, 2 मार्च 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच निवेशकों में घबराहट देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स 78,543.73 अंक पर खुला, जबकि शुक्रवार को यह 81,287 पर बंद हुआ था। दिन के कारोबार में सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर 79,700.65 पर बंद हुआ।

निफ्टी-50 भी बड़ी गिरावट लेकर 24,865 के स्तर पर बंद हुआ। एलएंडटी, रिलायंस और एचडीएफसी बैंक जैसे हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने बाजार को दबाव में रखा। निवेशकों का कुल मार्केट कैपिटल लगभग 10 लाख करोड़ रुपये घट गया, जिससे बाजार में भय की स्थिति बनी।

मिडिल ईस्ट तनाव और बाजार पर असर

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्ला अली खामेनेई और कई बड़े अधिकारी अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में मारे गए। इस खबर ने बाजार में चिंता बढ़ा दी। वैश्विक निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और अन्य मुद्राओं पर दबाव पड़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि मिडिल ईस्ट में युद्ध की अनिश्चितता का असर बाजार पर बना रह सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि तेल की कीमतों में तेज उछाल सबसे बड़ा जोखिम है, खासकर अगर हॉर्मुज जलडमरूमध्य बंद हो जाए।

वैश्विक बाजारों में गिरावट

सोमवार को एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 2.7 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.43 प्रतिशत तक नीचे गया। अमेरिका के शेयर बाजार के फ्यूचर्स भी 1 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दोनों 1.11 प्रतिशत गिर गए।

इस गिरावट का कारण अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला और बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव रही। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश विकल्प चुने, जिससे बाजार में दबाव बना।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

सोमवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 13.76 प्रतिशत की तेजी के साथ 82.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। यह जनवरी 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से विश्व तेल का करीब 20 प्रतिशत सप्लाई होता है, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र बन गया।

हालांकि इस समुद्री मार्ग को अभी बंद नहीं किया गया, लेकिन हमले के डर से टैंकर दोनों ओर जमा हो रहे हैं। कुछ जहाजों को बीमा लेने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर के आसपास रहता है, तो शेयर बाजार कमजोर रह सकता है। हालांकि बड़ी गिरावट या क्रैश की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।

निवेशकों के ₹10 लाख करोड़ डूबे

बाजार में बड़ी गिरावट के कारण निवेशकों को करीब 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटल 46,325,200 करोड़ रुपये से घटकर 45,785,450 करोड़ रुपये रह गया। निवेशकों के लिए यह बड़ा झटका है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, कैपिटल गुड्स और डिफेंस जैसे मजबूत शेयरों में धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।

IPO लिस्टिंग अपडेट

सोमवार को क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी का IPO शेयर बाजार में लिस्ट हुआ। कंपनी के शेयर SSE पर 960 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए, जो प्राइस बैंड के अपर एंड 1,053 रुपये से 93 रुपये कम है। लिस्टिंग निवेशकों की उम्मीद के मुताबिक कमजोर रही।

स्ट्राइडर्स इम्पेक्स IPO का आवेदन सोमवार को तीसरे और अंतिम दिन तक खुला। यह 36.29 करोड़ रुपये का बुक बिल्ड इश्यू है। वहीं एसेटेक ई-कॉमर्स का IPO दूसरे दिन में खुल रहा है, यह 48.95 करोड़ रुपये का इश्यू है और इसमें केवल नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसकी संभावित लिस्टिंग 9 मार्च को हो सकती है।

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