CUET UG 2026: फॉर्म भरते समय आम गलतियां, जो आवेदन करवा सकती हैं रिजेक्ट

CUET UG 2026: फॉर्म भरते समय आम गलतियां, जो आवेदन करवा सकती हैं रिजेक्ट

CUET UG 2026 आवेदन प्रक्रिया में छोटी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। फोटो-सिग्नेचर का गलत फॉर्मेट, पुराने कैटेगरी सर्टिफिकेट, नाम या जन्मतिथि में गड़बड़ी, गलत विषय चयन और कंफर्मेशन पेज न निकालना आवेदन रिजेक्शन की बड़ी वजह बन रहे हैं। समय रहते सावधानी जरूरी है।

CUET UG 2026 Application Process: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 जनवरी 2026 से सीयूईटी यूजी के ऑनलाइन फॉर्म स्वीकार करना शुरू कर दिया है, जिसके जरिए देश की टॉप यूनिवर्सिटीज में एडमिशन मिलेगा। यह परीक्षा 2026 में हाइब्रिड मोड में होगी और उम्मीदवार अधिकतम पांच विषय चुन सकेंगे। एनटीए के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में फॉर्म फोटो, दस्तावेज, व्यक्तिगत जानकारी और फीस भुगतान से जुड़ी गलतियों के कारण अटक जाते हैं। इसी वजह से छात्रों को फॉर्म भरते समय हर स्टेप सोच-समझकर पूरा करने की सलाह दी गई है।

फॉर्म भरते समय सबसे ज्यादा होने वाली गलतियां

सीयूईटी यूजी 2026 में फोटो और सिग्नेचर का गलत फॉर्मेट इस बार भी सबसे बड़ी परेशानी बन सकता है। एनटीए ने साफ निर्देश दिए हैं कि फोटो हाल की हो, चेहरा साफ दिखे, बैकग्राउंड सफेद हो और सेल्फी या धुंधली तस्वीर अपलोड न की जाए। इसके बावजूद कई छात्र इस नियम को हल्के में लेते हैं, जिसका सीधा असर आवेदन पर पड़ता है।

दूसरी आम गलती कैटेगरी सर्टिफिकेट से जुड़ी होती है। खासतौर पर OBC-NCL और EWS कैटेगरी के उम्मीदवारों के लिए यह जोखिम भरा हो सकता है। पुराने या राज्य फॉर्मेट के सर्टिफिकेट कई विश्वविद्यालय मान्य नहीं करते। ऐसे में फॉर्म भरने से पहले सर्टिफिकेट की वैधता और सेंट्रल फॉर्मेट जरूर जांच लेना चाहिए।

नाम, जन्मतिथि और सब्जेक्ट चयन में बरतें खास सावधानी

सीयूईटी यूजी फॉर्म में दी गई व्यक्तिगत जानकारी का 10वीं की मार्कशीट और आधार कार्ड से मेल खाना अनिवार्य है। नाम की स्पेलिंग, माता-पिता का नाम या जन्मतिथि में मामूली फर्क भी वेरिफिकेशन फेल कर सकता है। एनटीए पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आधार और दस्तावेजों में असमानता मिलने पर आवेदन पर सवाल उठ सकता है।

सब्जेक्ट चयन भी उतना ही अहम है। कई छात्र ऐसे विषय चुन लेते हैं जो उन्होंने 12वीं में पढ़े ही नहीं होते। दिल्ली यूनिवर्सिटी सहित कई टॉप यूनिवर्सिटीज केवल उन्हीं विषयों का स्कोर मानती हैं, जो बोर्ड परीक्षा में शामिल रहे हों। गलत विषय चयन आगे चलकर काउंसलिंग से बाहर होने की वजह बन सकता है।

फीस भुगतान और कंफर्मेशन पेज को न करें नजरअंदाज

अक्सर देखा गया है कि छात्र फॉर्म भरने के बाद फीस भुगतान को अंतिम कदम मान लेते हैं। जबकि एनटीए के अनुसार जब तक कंफर्मेशन पेज जनरेट नहीं होता, आवेदन अधूरा रहता है। सिर्फ पैसे कट जाना पर्याप्त नहीं है। कंफर्मेशन पेज डाउनलोड कर सुरक्षित रखना आगे की किसी भी प्रक्रिया के लिए जरूरी होता है।

एनटीए ने यह भी सलाह दी है कि छात्र अपना ही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी इस्तेमाल करें, एक से ज्यादा फॉर्म न भरें और अंतिम तारीख का इंतजार न करें। 30 जनवरी 2026 के करीब सर्वर स्लो या डाउन होने की आशंका रहती है, जिससे आवेदन अटक सकता है।

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