डायबिटीज में जरूरी है HbA1c टेस्ट, जानें कितने समय बाद करवाना चाहिए

डायबिटीज में जरूरी है HbA1c टेस्ट, जानें कितने समय बाद करवाना चाहिए

डायबिटीज मरीजों के लिए HbA1c टेस्ट उनके शुगर लेवल को मॉनिटर करने का सबसे भरोसेमंद तरीका है। जीटीबी हॉस्पिटल के डॉ. अजीत कुमार के मुताबिक, जिनका शुगर नियंत्रण में नहीं है, उन्हें यह टेस्ट हर 3 महीने में और जिनका नियंत्रण बेहतर है, उन्हें 6 से 7 महीने में एक बार कराना चाहिए।

HbA1c Test Timing: डायबिटीज के मरीजों के लिए HbA1c टेस्ट महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पिछले 2-3 महीनों का औसत शुगर लेवल बताता है। दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल में डॉ. अजीत कुमार के अनुसार जिनका शुगर नियंत्रण कमजोर है, उन्हें हर 3 महीने में और जिनका नियंत्रण बेहतर है, उन्हें 6-7 महीने में यह टेस्ट कराना चाहिए। इससे डायबिटीज की मॉनिटरिंग और इलाज समय पर सही तरीके से किया जा सकता है।

HbA1c टेस्ट क्यों जरूरी है

HbA1c टेस्ट, जिसे ग्लाइकेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट भी कहा जाता है, मरीज के शुगर लेवल का लंबी अवधि का औसत बताता है। यह सिर्फ एक दिन की शुगर रिपोर्ट पर भरोसा करने की बजाय, डायबिटीज के प्रबंधन में सही दिशा देता है।

HbA1c का नॉर्मल लेवल 5.7% से कम माना जाता है। 5.7% से 6.4% प्रीडायबिटीज और 6.5% या उससे अधिक डायबिटीज का संकेत देता है।

टेस्ट की आवृत्ति और समय

विश्व स्वास्थ्य संगठन और डायबिटीज फाउंडेशन के दिशानिर्देशों के अनुसार, शुगर कंट्रोल में न रहने वाले मरीजों को HbA1c हर 3 महीने में कराना चाहिए। जिन मरीजों का शुगर स्तर नियंत्रित है, उन्हें यह टेस्ट 6-7 महीने में एक बार कराना पर्याप्त होता है।

शुगर नियंत्रण के टिप्स

मरीजों को खानपान पर ध्यान देना चाहिए और रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करनी चाहिए। मानसिक तनाव कम करें, अधिक मीठा खाने से बचें और वजन को नियंत्रण में रखें।

HbA1c टेस्ट डायबिटीज के मरीजों के लिए महत्वपूर्ण मॉनिटरिंग टूल है। समय-समय पर टेस्ट कराकर और जीवनशैली पर ध्यान देकर मरीज अपनी शुगर नियंत्रण में रख सकते हैं।

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