दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास: श्रीलंका के खिलाफ टी20 में बनीं संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज

दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास: श्रीलंका के खिलाफ टी20 में बनीं संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज

भारत की स्टार स्पिनर दीप्ति शर्मा ने टी20 क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में खेलते हुए उन्होंने यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर और स्पिनर दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। श्रीलंका के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दीप्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की दिग्गज तेज गेंदबाज मेगन शुट के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।

दीप्ति शर्मा ने इस मैच में श्रीलंका की बल्लेबाज मालशा शेहानी को आउट कर अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का 151वां विकेट हासिल किया। यह विकेट उन्होंने पारी के 19वें ओवर में लिया। इसके साथ ही दीप्ति और मेगन शुट अब महिला टी20 इंटरनेशनल में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गई हैं।

कम पारियों में ऐतिहासिक मुकाम

दीप्ति शर्मा ने यह उपलब्धि 128 पारियों में हासिल की है, जबकि मेगन शुट ने अपने 151 विकेट 122 पारियों में पूरे किए थे। आंकड़ों के लिहाज से दोनों गेंदबाजों का रिकॉर्ड शानदार है और यह महिला क्रिकेट में उनके निरंतर प्रदर्शन और फिटनेस को दर्शाता है। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा और मेगन शुट पहले स्थान पर हैं। 

तीसरे नंबर पर रवांडा की हेनरीएट इशमवे हैं, जिन्होंने 111 पारियों में 144 विकेट लिए हैं। पाकिस्तान की अनुभवी खिलाड़ी निदा डार 152 पारियों में 144 विकेट लेकर चौथे स्थान पर हैं, जबकि इंग्लैंड की स्टार स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन 100 पारियों में 142 विकेट लेकर पांचवें स्थान पर काबिज हैं।

श्रीलंका के खिलाफ निर्णायक भूमिका

श्रीलंका के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में दीप्ति शर्मा ने एक बार फिर यह साबित किया कि वह क्यों भारतीय टीम की सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में से एक हैं। दबाव के क्षणों में विकेट निकालने की उनकी क्षमता और सटीक लाइन-लेंथ ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उनका यह रिकॉर्ड उसी मैच में आया, जिसने इस मुकाबले को और भी यादगार बना दिया।

दीप्ति शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर निरंतर प्रगति और उत्कृष्ट प्रदर्शन की मिसाल रहा है। वह न सिर्फ एक बेहतरीन स्पिन गेंदबाज हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर टीम के लिए अहम रन भी बनाती हैं। उनकी गेंदबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनकी विविधता, नियंत्रण और मैच की स्थिति को समझने की क्षमता है। दीप्ति ने कई मौकों पर भारत को मुश्किल हालात से बाहर निकाला है। पावरप्ले हो या डेथ ओवर, कप्तान को उन पर पूरा भरोसा रहता है। यही कारण है कि वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की अहम सदस्य बनी हुई हैं।

 

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