दिग्विजय सिंह का आरोप: बीजेपी सरकार मंदिरों की जमीन नीलाम कर रही है

दिग्विजय सिंह का आरोप: बीजेपी सरकार मंदिरों की जमीन नीलाम कर रही है

पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार हिंदू मंदिरों की 'माफी' जमीन को नीलामी के लिए योजना बना रही है।

भोपाल: पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार पर मंदिरों की जमीन को नीलाम करने और पुजारियों की आजीविका पर हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। सिंह ने कहा कि वह राज्य सरकार को सनातन संस्कृति का रक्षक कहती है, लेकिन असलियत में मंदिरों और धर्मस्थलों की जमीन पर सरकारी नीलामी की योजना तैयार की जा रही है।

सरकारी आदेश के तहत पुजारियों को नोटिस

दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 22 अप्रैल, 2023 के एक सरकारी आदेश के तहत 10 एकड़ से अधिक मंदिरों की माफी जमीन को नीलाम करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसी आधार पर प्रदेशभर के पुजारियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गुना जिले के आरोन तहसील के क्यापुर गांव में स्थित श्री राम जानकी मंदिर के पुजारी प्रद्युम्न दास को भी नोटिस भेजा गया है। सिंह के अनुसार, इस मामले में मध्य प्रदेश पुजारी उत्थान एवं कल्याण समिति ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी, जिसे स्वीकार किया गया।

सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की अनदेखी

सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर 2021 के आदेश (सिविल अपील नंबर 4850/2021) में स्पष्ट कहा था कि देवता के नाम पर दर्ज मंदिरों की जमीन की नीलामी नहीं की जा सकती। यह जमीन न तो जिला कलेक्टर और न ही राज्य सरकार के नाम पर दर्ज की जा सकती है। इसके बावजूद, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पुजारियों की जमीन की नीलामी की तैयारी को असंवैधानिक और अवैध करार दिया गया है। सिंह ने कहा कि यह कदम न केवल पुजारियों की आजीविका पर हमला है, बल्कि सनातन परंपराओं और धार्मिक स्वतंत्रता का अपमान भी है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों की जमीन का उपयोग पुजारियों द्वारा पूजा, धार्मिक अनुष्ठान और परिवार की आजीविका के लिए किया जाता है। ये जमीन सरकारी अनुदान से नहीं मिली है और इसलिए राज्य सरकार का इसे छीनने या नीलाम करने का कोई नैतिक और कानूनी अधिकार नहीं है। दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 11 अक्टूबर, 2023 के आदेश (रिट याचिका नंबर 20819/2023) में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद सरकार द्वारा नीलामी प्रक्रिया शुरू करना स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।

सिंह ने कहा कि वही सरकार जो स्वयं को सनातन संस्कृति की रक्षक बताती है, वह आज सीधे मंदिरों और पुजारियों की आजीविका पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि मंदिरों को दी गई जमीन का न तो सरकारी अनुदान मिला है और न ही राज्य का कोई अधिकार है।

 

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