एआई शिखर सम्मेलन के दौरान शर्टलेस विरोध से बढ़ी सियासी तल्खी, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज

एआई शिखर सम्मेलन के दौरान शर्टलेस विरोध से बढ़ी सियासी तल्खी, भाजपा-कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप तेज

नई दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान युवा कांग्रेस के शर्टलेस विरोध ने राजनीतिक विवाद बढ़ा दिया। भाजपा ने इसे देश की छवि को नुकसान बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार और नीतिगत असहमति का प्रतीक कहा।

Delhi: नई दिल्ली में आयोजित AI शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम के बाहर हुए इस विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और अपनी शर्ट उतारकर असहमति दर्ज कराई। इस प्रदर्शन के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।

केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है। वहीं कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का हिस्सा बताया है।

पीयूष गोयल का पलटवार

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट कर कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी राष्ट्रीय हितों से समझौता करने की पारिवारिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। गोयल ने अपने बयान में भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के कार्यकाल के दौरान संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सीट के कथित प्रस्ताव पर भारत के रुख का जिक्र किया।

इसके अलावा उन्होंने Indira Gandhi के समय हुए कच्चातीवू समझौते और Rajiv Gandhi के कार्यकाल में सामने आए बोफोर्स विवाद को भी उठाया। गोयल का कहना है कि कांग्रेस का इतिहास ऐसे फैसलों से भरा है जिन पर सवाल उठते रहे हैं।

उन्होंने लिखा कि जब राहुल गांधी शर्टलेस प्रदर्शन जैसे कदम उठाते हैं, तो यह वैश्विक मंच पर भारत को शर्मिंदा करने का प्रयास प्रतीत होता है। उनके अनुसार AI समिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में इस तरह की राजनीति उचित नहीं है।

राहुल गांधी पर गंभीर आरोप

भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को राहुल गांधी की विदेश यात्राओं से भी जोड़ा। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राहुल गांधी की 2024 में हुई अमेरिका यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उस यात्रा को लोकतंत्र पर चर्चा के रूप में प्रस्तुत किया गया था, लेकिन कुछ मुलाकातों ने सवाल खड़े किए।

जोशी ने दावा किया कि राहुल गांधी ने इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल से जुड़े कार्यकर्ताओं और जॉर्ज सोरोस द्वारा वित्तपोषित नेटवर्क से कथित रूप से जुड़े लोगों से मुलाकात की। उन्होंने यह भी कहा कि कतर की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। जोशी के अनुसार जब विदेशों में होने वाली मुलाकातों से संवाद और संदिग्ध नेटवर्किंग के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है, तो नागरिकों का सवाल उठाना स्वाभाविक है।

भाजपा का कहना है कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व विदेशों में भारत की छवि को लेकर संवेदनशीलता नहीं दिखाता।

कांग्रेस का रुख

वहीं कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस ने अपने विरोध को जायज ठहराया है। उनका कहना है कि AI इम्पैक्ट समिट में कुछ नीतिगत मुद्दों पर असहमति थी, जिसे शांतिपूर्ण तरीके से दर्ज कराया गया। युवा कांग्रेस के बयान में कहा गया कि उनके कार्यकर्ता एक ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध कर रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर देश की पहचान से समझौता किया है।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना अधिकार है और इसे राष्ट्रविरोधी करार देना उचित नहीं है।

हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि विरोध का तरीका और समय दोनों ही गलत थे। उनका तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ऐसा प्रदर्शन भारत की छवि को नुकसान पहुंचाता है।

AI शिखर सम्मेलन को भारत के लिए तकनीकी और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। सरकार का दावा है कि यह मंच भारत को तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर है।

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