ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में प्रगति की उम्मीद, ओमान ने समझौते के संभावित फॉर्मूले का किया खुलासा

ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में प्रगति की उम्मीद, ओमान ने समझौते के संभावित फॉर्मूले का किया खुलासा

मध्य पूर्व में Iran और United States के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच Geneva में दोनों देशों के बीच वार्ता पूरी हो गई है। इस वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे Oman ने बातचीत को सकारात्मक बताया है, जिससे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता की उम्मीद जगी है।

World News: मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी परमाणु तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। ओमान ने दावा किया है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करने और अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को नियंत्रित या समाप्त करने पर सहमत हो सकता है। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह बयान ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जिनेवा में हुई उच्च-स्तरीय वार्ता के बाद सामने आया है, जहां दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

ओमान की मध्यस्थता से कूटनीतिक प्रगति

ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया साक्षात्कार में कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक संभावित समझौते का प्रारूप तैयार हुआ है। इस प्रस्ताव के तहत ईरान भविष्य में परमाणु हथियारों के लिए उपयोग किए जाने वाले उच्च-संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन या भंडारण नहीं करेगा। उन्होंने इसे वाशिंगटन और तेहरान के बीच विश्वास बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। 

उनके अनुसार, ईरान ने “शून्य संचय, शून्य भंडारण और पूर्ण सत्यापन” के सिद्धांत को स्वीकार करने की इच्छा जताई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पारदर्शिता और अनुपालन का भरोसा मिल सके।

यूरेनियम भंडार और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण पर सहमति

ओमान के अनुसार, ईरान अपने मौजूदा समृद्ध यूरेनियम भंडार को कम संवर्धन स्तर तक घटाने और इसे परमाणु ईंधन के रूप में परिवर्तित करने पर सहमत हो सकता है। यह प्रक्रिया अपरिवर्तनीय होगी, जिससे परमाणु हथियार निर्माण की संभावना समाप्त हो जाएगी। इसके अलावा, संभावित समझौते में अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण को भी शामिल किया जा सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी एजेंसियों और संभवतः अमेरिकी निरीक्षकों को सत्यापन प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति मिल सकती है।

हालांकि कूटनीतिक प्रगति के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने वार्ता की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत सफल नहीं होती, तो अमेरिका सैन्य विकल्प पर विचार करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना वैश्विक सुरक्षा के लिए आवश्यक है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अभी भी कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देता है, लेकिन आवश्यक होने पर कठोर कदम उठाने के लिए तैयार है।

ईरान और अमेरिका के बीच संभावित परमाणु समझौता मध्य पूर्व में तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह समझौता वैश्विक ऊर्जा बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

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