हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, यानी शुक्रवार को, भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क सूचकांक BSE Sensex और NSE Nifty 50 में एक प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कमजोर प्रदर्शन किया। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 1097 अंक गिरकर 78,543.73 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 315.45 अंक गिरकर 24,450.45 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स और निफ्टी का दिनभर का प्रदर्शन
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में ही निवेशकों की धारणा नकारात्मक रही। पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल और गैस कीमतों में उछाल आया। इस स्थिति का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखा गया।
- बीएसई सेंसेक्स: 1.37% की गिरावट, 78,543.73 अंक पर बंद
- एनएसई निफ्टी: 1.27% की गिरावट, 24,450.45 अंक पर बंद
इस गिरावट के कारण निवेशकों में डर और असमर्थता का माहौल बना रहा। विशेषकर ऊर्जा, डिफेंस और पेट्रोकेमिकल सेक्टर के शेयर सबसे अधिक प्रभावित हुए।

कौन से सेक्टर्स प्रभावित हुए?
शुक्रवार को बाजार में प्रमुख रूप से निम्नलिखित सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई:
- ऊर्जा और तेल कंपनियां: ईरान-इजरायल तनाव के कारण वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ीं। इससे तेल कंपनियों के शेयर में अस्थिरता आई।
- डिफेंस सेक्टर: वैश्विक सुरक्षा तनाव के बीच निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए डिफेंस स्टॉक्स में उतार-चढ़ाव देखा।
- बैंकिंग और वित्तीय संस्थान: वैश्विक अनिश्चितता और क्रूड ऑयल की बढ़ी कीमतों का असर बैंकिंग शेयरों पर भी पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने वैश्विक घटनाओं और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए सट्टा सुरक्षित विकल्पों में शिफ्ट किया।










