ईरान-इस्राइल तनाव के बीच देवोलीना भट्टाचार्जी का तीखा पोस्ट, ‘देश के प्रति वफादारी’ पर उठाए सवाल

ईरान-इस्राइल तनाव के बीच देवोलीना भट्टाचार्जी का तीखा पोस्ट, ‘देश के प्रति वफादारी’ पर उठाए सवाल

United States और Israel की ओर से Iran पर संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद पश्चिम एशिया में तनाव गहरा गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की हत्या की खबरों और क्षेत्र में बिगड़ते हालातों के बीच वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी घटनाओं के बीच भारतीय अभिनेत्री Devoleena Bhattacharjee का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिका और इस्राइल की कथित संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हालात संवेदनशील बने हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में भारत में भी विभिन्न समूहों द्वारा विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

इसी माहौल में देवोलीना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने भारत में रहकर दूसरे देशों के प्रति सहानुभूति या वफादारी दिखाने वालों पर कड़ा रुख अपनाया। हालांकि उन्होंने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर किसी देश या नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स इसे मौजूदा वैश्विक घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं।

आपको हमारे सैनिकों पर गर्व नहीं है?

देवोलीना ने अपने पोस्ट में लिखा कि कुछ लोग भारत में रहते हुए देश के खिलाफ बयानबाजी करते हैं और भारतीय सैनिकों के बलिदान पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि जब सैनिक शहीद होते हैं तो ऐसे लोगों को दुख नहीं होता, बल्कि वे आतंकी हमलों को “साजिश” और सैन्य अभियानों को “ड्रामा” कहकर खारिज कर देते हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश और उसके सुरक्षा बलों का अपमान करना स्वीकार्य नहीं है। उनके अनुसार, नीतियों पर सवाल उठाना अलग बात है, परंतु उन सैनिकों के बलिदान को नजरअंदाज करना गलत है, जो सीमा पर देश की रक्षा करते हैं।

'जिस देश का नमक खा रहे हो…' - देवोलीना 

अभिनेत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि जो लोग भारत में रहते हैं, यहां काम करते हैं और सुरक्षित वातावरण का लाभ उठाते हैं, उन्हें देश की गरिमा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने लिखा, “जिस देश का नमक खा रहे हो, उससे वफादारी कर लो। या फिर जिस देश के साथ वफादारी निभा रहे हो, वहां का नमक खाया करो।

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समर्थकों ने इसे देशभक्ति और सैनिकों के सम्मान की आवाज बताया, जबकि आलोचकों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संदर्भ में अलग नजरिए से देखा। ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei से जुड़ी खबरों और पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत सहित कई देशों में प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया ने इस मुद्दे को और अधिक व्यापक बना दिया है, जहां लोग अलग-अलग विचारधाराओं के आधार पर अपनी राय रख रहे हैं।

देवोलीना ने अपने पोस्ट में सीधे तौर पर इस्राइल-ईरान संघर्ष का उल्लेख नहीं किया, लेकिन समय और संदर्भ के कारण इसे मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाओं से जोड़ा जा रहा है।

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