अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान ने एयरस्पेस खोल दिया और प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी की फांसी टाल दी। तेल की कीमतें गिरीं, जिससे युद्ध की संभावना फिलहाल कम नजर आ रही है।
Iran vs. America: अमेरिका और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रम ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। अमेरिका ने ईरान की तरफ वॉरशिप भेज दी है, जिससे स्थिति गंभीर दिख रही है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक किसी भी तरह की जंग को मंजूरी नहीं दी है। वहीं, ईरान भी कुछ कदम ऐसे उठा रहा है जो युद्ध की संभावना को टालने की ओर इशारा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल जंग टलने के संकेत अधिक नजर आ रहे हैं।
फैक्ट 1: इरफान सुल्तानी की फांसी रद्द
ईरान में प्रदर्शनकारी इरफान सुल्तानी की फांसी को लेकर अमेरिका ने चेतावनी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि अगर फांसी दी गई तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। फांसी 14 जनवरी को होने वाली थी, लेकिन ईरान ने इसे टाल दिया। इस कदम से लगता है कि ट्रंप और ईरान दोनों ने इस मामले में शांत रहने का संकेत दिया है। फांसी रद्द होने के बाद ट्रंप ने भी कहा कि ईरान में अब हत्या और फांसी की घटनाओं में कमी आई है।
फैक्ट 2: ईरान ने एयरस्पेस खोला
ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था। इससे किसी भी विमान का ईरान में प्रवेश करना जोखिमपूर्ण हो गया था। हाल ही में ईरान ने एयरस्पेस खोल दिया है, जिससे सामान्य हवाई यात्रा फिर से शुरू हो गई है। ईरानी शहरों के बीच विमान नियमित समय पर उड़ान भर रहे हैं। इससे संकेत मिलता है कि ईरान ने आंशिक रूप से तनाव को कम किया है और युद्ध की स्थिति टल रही है।

फैक्ट 3: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें युद्ध की संभावना को समझने का एक बड़ा संकेत हैं। युद्ध होने पर तेल की कीमतें बढ़ जाती हैं। लेकिन 15 जनवरी को तेल की कीमत में प्रति बैरल 2 डॉलर की गिरावट आई। यह संकेत है कि बाजार युद्ध की संभावना को फिलहाल कम मान रहा है। विशेषज्ञ इसे जंग टलने की तरफ एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
फैक्ट 4: अमेरिकी मदद नहीं पहुंची
पिछले दिनों ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने का संकेत दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रदर्शनकारी सरकारी इमारतों पर कब्जा कर सकते हैं और अमेरिका जल्द मदद भेजेगा। लेकिन तीन-चार दिन बीतने के बाद भी कोई मदद नहीं पहुंची। इसका मतलब है कि फिलहाल जंग भड़काने के प्रयास असफल रहे हैं और अमेरिका स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
जंग के संकेत भी मौजूद
हालांकि कई संकेत जंग के टलने की ओर इशारा कर रहे हैं, फिर भी कुछ चीजें चिंता पैदा कर रही हैं। अमेरिकी नौसेना का जंगी बेड़ा दक्षिण चीन सागर से ईरान की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई भी किसी भी कदम उठाने की तैयारी में हैं। यह दोनों पक्षों के बीच संभावित सैन्य टकराव की चेतावनी है।










