कतर ने अमेरिकी अल-उदीद एयरबेस पर बढ़ते ईरानी खतरे को रोका। दो Su-24 बमवर्षक F-15 Eagle विमानों से हवा में ही नष्ट किए गए। इस कार्रवाई से क्षेत्रीय सुरक्षा बनी और अमेरिकी सैनिक सुरक्षित रहे, सैन्य टकराव टला।
Middle East: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कतर की वायुसेना ने अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर बढ़ रहे ईरानी बमवर्षक विमानों को हवा में ही मार गिराकर बड़ा सैन्य टकराव टाल दिया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरानी विमानों के अल-उदीद एयरबेस पहुंचने में केवल दो मिनट बाकी थे, जो मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है। इस एयरबेस पर आमतौर पर करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात रहते हैं और इसे क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
ईरानी विमानों की चाल
विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps ने सोमवार सुबह सोवियत काल के दो Sukhoi Su-24 टैक्टिकल बमवर्षक विमानों को कतर की ओर भेजा था। इनके संभावित लक्ष्य अल-उदीद एयरबेस और Ras Laffan Industrial City का गैस प्रोसेसिंग हब थे।
ईरानी विमानों ने रडार से बचने के लिए सिर्फ 80 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भरी और इस दौरान रेडियो के माध्यम से चेतावनी देने के बावजूद किसी प्रतिक्रिया की संभावना नहीं दिखी। कतर की वायुसेना ने तत्काल इन विमानों को शत्रुतापूर्ण घोषित कर F-15 Eagle लड़ाकू विमानों को तैनात किया।

ईरानी बमवर्षकों का विनाश
कतर के F-15 Eagle विमानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों Su-24 बमवर्षकों को हवा में मार गिराया। दोनों विमानों को कतर के क्षेत्रीय समुद्री जल में गिरते देखा गया। कतर सरकार ने कहा कि अभी पायलटों की खोज और बचाव के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन Dan Caine ने पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस घटना की पुष्टि की और कहा कि यह पहली बार है जब कतर के लड़ाकू विमानों ने ईरानी बमवर्षकों को हवा में नष्ट किया।
ईरान की रणनीति
यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ईरान ने अब तक जवाबी कार्रवाई के लिए मुख्य रूप से मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया था। हाल ही में अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के बाद ईरान ने खाड़ी देशों की ओर 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 1000 से अधिक ड्रोन दागे हैं। इन हमलों का उद्देश्य अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को दबाव में रखना था।
कतर ने दी ईरान को कड़ी चेतावनी
कतर के प्रधानमंत्री Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात की और इस घटना को 'खतरनाक उकसावे' की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों को ऐसे युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रहा है, जो उनका नहीं है। कतर ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह के सैन्य खतरे का जवाब तत्काल और निर्णायक रूप से दिया जाएगा।










